सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर रामगढ़ एक बार फिर अपनी समृद्ध विरासत का साक्षी बनने जा रहा है। आषाढ़ के प्रथम दिवस के अवसर पर 29 और 30 जून 2026 को दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में इतिहास, साहित्य, लोकसंस्कृति, पुरातत्व और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
इस प्रतिष्ठित आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। महोत्सव में जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, कलाकार, शोधकर्ता, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में पर्यटकों के शामिल होने की उम्मीद है।
लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण का केंद्र
29 जून को सुबह 10:30 बजे दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसके बाद लोकनृत्य, लोकगीत, लोकवाद्य और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पूरे दिन दर्शकों को आकर्षित करेंगी। शाम के समय प्रदेश के प्रसिद्ध लोक एवं सांस्कृतिक कलाकार अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगे।
विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला को जानने का मिलेगा अवसर
महोत्सव के दौरान पर्यटक विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला मानी जाने वाली सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला और अन्य पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। विशेषज्ञ इन धरोहरों के इतिहास, पुरातात्विक महत्व और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी भी देंगे।
साहित्य, इतिहास और जनजातीय संस्कृति पर होगी चर्चा
30 जून को साहित्य, इतिहास और संस्कृति पर आधारित परिचर्चाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही जनजातीय संस्कृति की झलक, स्थानीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी, पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी और विद्यालयों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों की प्रस्तुतियां भी महोत्सव का हिस्सा होंगी।
समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रतिभागियों, कलाकारों और सहयोगियों को सम्मानित किया जाएगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
रामगढ़ महोत्सव का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना भी है। इस आयोजन के माध्यम से पर्यटकों को रामगढ़ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
जिला प्रशासन ने प्रदेशवासियों, साहित्यकारों, कलाकारों, विद्यार्थियों और पर्यटकों से अधिक से अधिक संख्या में इस ऐतिहासिक महोत्सव में शामिल होने की अपील की है।
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