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बस्तर में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मेरु योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का अनुदान।

बस्तर में उच्च शिक्षा की नई भोर, 100 करोड़ के ‘मेरु’ अनुदान से युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

बस्तर में उच्च शिक्षा को नई दिशा देने के लिए शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को MERU योजना के तहत 100 करोड़ रुपये मिले। नए विभाग, कॉलेज और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों से युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ।

by bholuchand news

रायपुर, 31 जुलाई।

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार की पहल से बस्तर संभाग में शिक्षा के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘छू लो आसमान’, ‘ज्ञानगुड़ी’ और ‘हमर लक्ष्य’ जैसी योजनाएं बस्तर के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग, आर्थिक सहायता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करा रही हैं, जिससे क्षेत्र के युवाओं का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है।

शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को मिला 100 करोड़ रुपये का अनुदान

बस्तर के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के अंतर्गत MERU (Multi Educational Research University) योजना के तहत शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर को 100 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान स्वीकृत किया गया है।

इस राशि का उपयोग विश्वविद्यालय में आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने, नए भवनों के निर्माण, अत्याधुनिक उपकरणों की खरीदी, प्रयोगशालाओं के विकास, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, सेमिनार और कौशल विकास कार्यक्रमों के संचालन में किया जाएगा।

20 नए विभाग और 365 नए पद

विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार करते हुए 20 नए विभाग शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही 200 शैक्षणिक और 165 अशैक्षणिक, कुल 365 नए पदों को स्वीकृति दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधाएं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध होगा।

रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर विशेष फोकस

युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में कई आधुनिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इनमें—

  • शारीरिक शिक्षा
  • फार्मेसी
  • विधि (Law)
  • चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP)

जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा ‘इनोवेशन महाकुंभ’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी कौशल को बढ़ावा दे रहे हैं।

कॉलेजों के विकास के लिए 65 करोड़ रुपये

बस्तर संभाग के शासकीय महाविद्यालयों के अधोसंरचना विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

इस राशि से कॉलेज भवनों, अतिरिक्त कक्षों, बाउंड्रीवाल, प्रयोगशालाओं और छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का निर्माण कराया जाएगा।

प्रमुख कॉलेजों को 5-5 करोड़ रुपये का विशेष फंड

उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए—

  • शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जगदलपुर को 5 करोड़ रुपये
  • शासकीय इंदरु केंवट कन्या महाविद्यालय, कांकेर को 5 करोड़ रुपये

का विशेष अनुदान प्रदान किया गया है। इस राशि का उपयोग नए निर्माण, अधोसंरचना उन्नयन और आधुनिक उपकरणों की खरीदी में किया जाएगा।

नए कॉलेज और बढ़ेंगी सीटें

पिछले दो वर्षों में बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा पहुंचाने के लिए नगरनार और किलेपाल में दो नए शासकीय महाविद्यालय शुरू किए गए हैं। वहीं कंगोली (जगदलपुर) में एक अशासकीय महाविद्यालय खोलने की अनुमति भी दी गई है।

इसके साथ ही विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभिन्न महाविद्यालयों में सीटें बढ़ाई जा रही हैं तथा नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।

युवाओं के भविष्य को मिलेगी नई दिशा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के बजट में 50 प्रतिशत की वृद्धि कर शिक्षा क्षेत्र को नई गति दी है। आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिए जाने से बस्तर का युवा अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार, स्वरोजगार और नवाचार के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाएगा।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास बस्तर को ज्ञान, कौशल और आत्मनिर्भरता की नई दिशा देने की ओर महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।

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