रायपुर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल में हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिनेश जैन ने हृदय को स्वस्थ रखने, हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने और समय पर स्वास्थ्य जांच कराने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
डॉ. जैन ने कहा कि आज हृदय रोग केवल अधिक उम्र के लोगों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कम उम्र के लोगों में भी हृदय संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी, धूम्रपान और अन्य जोखिम कारक हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि हृदय से जुड़े लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर चिकित्सकीय परामर्श और नियमित स्वास्थ्य जांच से हृदय संबंधी जोखिमों की पहचान में मदद मिल सकती है। उन्होंने 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह भी दी।
हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता जरूरी
संगोष्ठी में डॉ. दिनेश जैन ने बताया कि कई बार हृदय संबंधी समस्या के शुरुआती लक्षण सामान्य दिखाई दे सकते हैं। छाती में दर्द या दबाव, असामान्य घबराहट, सांस फूलना या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव करना चाहिए। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये 10 आदतें
1. रोजाना 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें:
तेज चाल से पैदल चलना, योग या अपनी क्षमता के अनुसार नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें।
2. संतुलित आहार लें:
तले-भुने और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन को सीमित करें। नमक और चीनी का सेवन भी संतुलित रखें।
3. धूम्रपान से बचें और शराब का सेवन न करें:
तंबाकू और धूम्रपान हृदय सहित शरीर के लिए कई स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़े हैं।
4. वजन को नियंत्रित रखें:
स्वस्थ वजन बनाए रखना हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसके लिए खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें।
5. ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच कराएं:
समय-समय पर BP और ब्लड शुगर की जांच कराते रहें, विशेषकर यदि डॉक्टर ने इसकी सलाह दी हो।
6. तनाव को नियंत्रित करें और पर्याप्त नींद लें:
मेडिटेशन, योग या अन्य स्वस्थ गतिविधियों के माध्यम से तनाव कम करने का प्रयास करें और पर्याप्त नींद लें।
7. पर्याप्त पानी पिएं:
प्यास बुझाने के लिए पानी को प्राथमिकता दें और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित करें।
8. कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं:
डॉक्टर की सलाह के अनुसार लिपिड प्रोफाइल और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराते रहें।
9. रोजमर्रा की जिंदगी में सक्रिय रहें:
लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें। अपनी क्षमता के अनुसार पैदल चलने और सीढ़ियों का इस्तेमाल जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दें।
10. हृदय से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
छाती में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, अचानक घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
हॉस्पिटल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में उर्मिला हॉस्पिटल की डायरेक्टर नम्रता सिंह, मेडिकल डायरेक्टर विनोद सिंह और सीओओ कृष्णा दुबे सहित हॉस्पिटल की पैरामेडिकल टीम मौजूद रही। इसके अलावा भाठागांव और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने भी संगोष्ठी में भाग लिया।
विश्व हृदय दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल ने लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, नियमित जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
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