रायपुर। कैंसर का इलाज केवल बीमारी को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज को दर्द से राहत, बेहतर आराम और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कैंसर के दौरान मरीजों को दर्द, कमजोरी, नींद में परेशानी, भूख कम लगना, चिंता और भावनात्मक तनाव जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पेन और पेलिएटिव मेडिसिन विशेषज्ञ मरीज की शारीरिक एवं मानसिक तकलीफों को कम करने और उसकी जीवन-गुणवत्ता बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के पेन एंड पेलिएटिव मेडिसिन विभाग के सीनियर विशेषज्ञ डॉ. बबलेश महावर के अनुसार, कैंसर के हर मरीज का दर्द और उसकी जरूरतें अलग-अलग होती हैं। इसलिए मरीज की स्थिति को समझकर उसके लिए व्यक्तिगत उपचार और देखभाल की योजना बनाना जरूरी है।

कैंसर के दर्द से राहत और पेलिएटिव मेडिसिन पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ. बबलेश महावर की जानकारी।
कैंसर में दर्द के अलग-अलग कारण, हर मरीज के लिए अलग उपचार
कैंसर के मरीजों में दर्द कई कारणों से हो सकता है। कभी कैंसर स्वयं दर्द का कारण बनता है, तो कभी सर्जरी या उपचार के बाद दर्द की समस्या सामने आती है। इसके अलावा नसों, हड्डियों या शरीर के अन्य हिस्सों के प्रभावित होने से भी दर्द हो सकता है। ऐसे में दर्द विशेषज्ञ सबसे पहले मरीज के दर्द की जगह, तीव्रता, संभावित कारण और उसकी दैनिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करते हैं। इसके बाद मरीज की जरूरतों के अनुसार उपचार निर्धारित किया जाता है। एक ही तरह का उपचार सभी मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं होता।
पेन और पेलिएटिव मेडिसिन का उद्देश्य क्या है?
पेन और पेलिएटिव मेडिसिन का मुख्य उद्देश्य कैंसर से जुड़े दर्द और अन्य परेशान करने वाले लक्षणों को कम करना, मरीज को अधिक आराम देना और उसकी जीवन-गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इसमें केवल शारीरिक दर्द ही नहीं, बल्कि मरीज की भावनात्मक परेशानियों और परिवार की चिंताओं को भी समझा जाता है। कैंसर का प्रभाव मरीज के साथ-साथ उसके पूरे परिवार पर पड़ता है। मरीज की नींद, चिंता और दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियां परिवार के सदस्यों को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए पेलिएटिव केयर में मरीज के साथ उसके परिवार की भावनात्मक और व्यावहारिक जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाता है।
कैंसर के दर्द को सहते न रहें, विशेषज्ञ से लें सलाह
कैंसर के मरीजों के लिए दर्द को छिपाना या लंबे समय तक सहते रहना जरूरी नहीं है। दर्द के बारे में डॉक्टर को खुलकर बताना और उसके उपचार के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना महत्वपूर्ण है। दर्द का आकलन और उपचार मरीज की जरूरतों के अनुरूप किया जाता है। दवाओं के अलावा जरूरत पड़ने पर अन्य चिकित्सकीय तरीकों से भी दर्द नियंत्रित करने का प्रयास किया जा सकता है। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में पेन और पेलिएटिव मेडिसिन की सेवाएं सप्ताह के सभी दिनों में उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। अस्पताल के अनुसार, इस विभाग में मरीज की व्यक्तिगत जरूरतों, दर्द की प्रकृति, आराम, भावनात्मक स्थिति और परिवार की चिंताओं को ध्यान में रखकर देखभाल प्रदान करने का प्रयास किया जाता है।
बेहतर जीवन-गुणवत्ता भी उपचार का महत्वपूर्ण लक्ष्य
कैंसर के दौरान उपचार की सफलता का एक महत्वपूर्ण पहलू मरीज की रोजमर्रा की जिंदगी को अधिक सहज बनाना भी है। दर्द और अन्य लक्षणों में राहत मिलने से मरीज को आराम करने, परिवार के साथ समय बिताने और अपनी क्षमता के अनुसार दैनिक गतिविधियों में भाग लेने में मदद मिल सकती है। पेलिएटिव केयर कैंसर के अन्य उपचारों के साथ भी दी जा सकती है और इसका उद्देश्य मरीज तथा उसके परिवार की जीवन-गुणवत्ता में सुधार करना है। कई बार मरीज के लिए चैन से सो पाना, परिवार के साथ भोजन करना, प्रियजनों से बात कर पाना और कुछ पल मुस्कुरा पाना भी बहुत बड़ी राहत होती है। इसी सोच के साथ पेन और पेलिएटिव मेडिसिन विशेषज्ञ मरीज के दर्द, मानसिक तनाव और परिवार की व्यावहारिक जरूरतों पर ध्यान देते हैं।
डॉ. बबलेश महावर के अनुसार, कैंसर की बीमारी के बीच भी मरीज को आराम, सम्मान और अपनों का साथ मिलना बेहद जरूरी है। उनका संदेश है कि दर्द को सहते न रहें और उसके प्रबंधन के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें। बेहतर कैंसर देखभाल का उद्देश्य केवल बीमारी का उपचार करना नहीं, बल्कि उस इंसान की देखभाल करना भी है जो इस बीमारी से गुजर रहा है।
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