Home » सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के पास अचानक पहुंचे CM साय, ₹1,000 देकर खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’
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सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के पास अचानक पहुंचे CM साय, ₹1,000 देकर खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मुख्यमंत्री ने मीरा से की आत्मीय बातचीत, पूछा- सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है?

by bholuchand news

रायपुर, 15 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए मंगलवार का दिन खास बन गया। रोज की तरह मीरा अपने छोटे से पसरे पर मिट्टी के दीये सजाकर ग्राहकों का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके पसरे के पास रुका। मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के मीरा से आत्मीय बातचीत की और उसके श्रम व स्वावलंबन का सम्मान करते हुए एक हजार रुपए देकर मिट्टी का दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने यह दीया ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए खरीदा। मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय के जरिए आजीविका चला रही मीरा के परिश्रम, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता के सम्मान का संदेश दे गया।

CM साय ने पूछा- योजनाओं का लाभ मिल रहा है?

सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के पास अचानक पहुंचे CM साय, ₹1,000 देकर खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के पास अचानक पहुंचे CM साय, ₹1,000 देकर खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

मुख्यमंत्री साय ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान उन्होंने पूछा कि क्या उसे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री के सवाल पर मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उसका बैंक खाता खुल चुका है। उसने यह भी बताया कि उसे राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। मीरा से योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक सीधे पहुंचे और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करे। शासन की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सहजता और पारदर्शिता के साथ मिले।

छोटे विक्रेताओं और स्थानीय कारीगरों के सम्मान पर जोर

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता, कुम्हार, शिल्पकार और स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली माताएं-बहनें आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति हैं। अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पाद खरीदना केवल किसी वस्तु की खरीदारी नहीं है। उस वस्तु के पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी की आजीविका जुड़ी होती है। स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदने से उनके परिवारों को आर्थिक संबल मिलता है और उनके आत्मसम्मान को भी मजबूती मिलती है।

‘आशीर्वाद का दीया’ बनेगा सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक

मुख्यमंत्री द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का दीया अब ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। इस कार्यक्रम के जरिए सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा-सा दीया अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है। इसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति सेवा का छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़े तो सामूहिक प्रयास से बड़े सकारात्मक बदलाव संभव हैं। उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी भावना को अभिव्यक्त करता है और यह सेवा, विकास तथा जनभागीदारी के संकल्प का प्रतीक बनेगा।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित रहे हैं। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस अभियान से उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनसेवा के अन्य कार्यों में अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता। जरूरतमंद की मदद करना, आसपास स्वच्छता रखना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से सामान खरीदना या समाजहित में किया गया कोई भी छोटा प्रयास जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

एक छोटे से दीये में समाया बड़ा संदेश

तेलीबांधा मरीन ड्राइव के सड़क किनारे मीरा के छोटे से पसरे से मुख्यमंत्री द्वारा खरीदा गया मिट्टी का दीया अब कई मायनों में खास बन गया है। इस एक दीये में महिला के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान, सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच और सेवा एवं जनभागीदारी का संदेश एक साथ दिखाई देता है। मीरा से सहज बातचीत के दौरान जनधन योजना और महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने की जानकारी सामने आई, वहीं मुख्यमंत्री द्वारा खरीदा गया यही दीया अब ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के जरिए सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा।इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।

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