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राज्यपाल डेका बोले- डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य लत से ज्यादा खतरनाक

ICFAI विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को किया संबोधित, 19 गोल्ड और 16 सिल्वर मेडल से सम्मानित हुए मेधावी छात्र

by bholuchand news

रायपुर, 12 सितंबर 2026। आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल  रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर वर्ष 2025 एवं 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल प्रदान किए गए, जबकि स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। राज्यपाल ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा और तकनीक का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और इसके दुष्प्रभावों से बचने की अपील की।

डिजिटल एडिक्शन को लेकर राज्यपाल ने किया आगाह

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि आज की पीढ़ी इंटरनेट युग की विद्यार्थी है, जबकि उनके समय में शिक्षा चॉक, पेंसिल, पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त होती थी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज आवश्यक तकनीक बन चुकी है, लेकिन इसका उपयोग मानव समाज के हित में आवश्यक सीमा तक ही किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करना चाहिए और इसके नकारात्मक प्रभावों से स्वयं को बचाना चाहिए। उन्होंने न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रोप्लास्टिक को दुनिया के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियां बताते हुए कहा कि 21वीं सदी में विकास के साथ उसके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने सतत विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

पढ़ाई और लक्ष्य पर रखें पूरा फोकस

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवद्गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि दूसरे उसके बारे में क्या सोचते हैं। विद्यार्थियों को अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्जित ज्ञान ऐसी संपत्ति है, जिसे कोई व्यक्ति उनसे छीन नहीं सकता। विद्यार्थियों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए सही रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।

जीवन का रोडमैप बनाकर आगे बढ़ें विद्यार्थी

रायपुर में ICFAI विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते राज्यपाल रमेन डेका।

रायपुर में ICFAI विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते राज्यपाल रमेन डेका।

राज्यपाल  ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है, ताकि उसका उपयोग मानव समाज के हित में किया जा सके। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का वास्तविक उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लौह अयस्क जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और देश की अर्थव्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। अब राज्य को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाने की जरूरत है। राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से सफलता की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

डॉ. वी. सतीश रेड्डी और कुलाधिपति ने भी किया संबोधित

समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं और उनके पालक उपस्थित रहे।

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