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UPSC में सफलता के लिए मेहनत के साथ सही दिशा और सटीक रणनीति जरूरी : अजय गुप्ता

उड़ान IAS एकेडमी में करियर गाइडेंस सेमिनार आयोजित, UPSC 2025 में 452वीं और IFS में 91वीं रैंक हासिल करने वाले अजय गुप्ता ने साझा किए सफलता के अनुभव

by bholuchand news

रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए रायपुर स्थित उड़ान IAS एकेडमी में विशेष करियर गाइडेंस सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में UPSC 2025 में 452वीं रैंक तथा भारतीय वन सेवा (IFS) में 91वीं रैंक हासिल करने वाले श्री अजय गुप्ता मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अभ्यर्थियों से सीधे संवाद करते हुए परीक्षा की तैयारी, रणनीति और अपने अनुभव साझा किए।

सिर्फ मेहनत नहीं, सही रणनीति भी जरूरी

सेमिनार को संबोधित करते हुए अजय गुप्ता ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल है। इसमें सफलता के लिए केवल कड़ी मेहनत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही दिशा, सटीक रणनीति और निरंतर मार्गदर्शन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभ्यर्थियों को तैयारी के दौरान अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट रखने और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की सलाह दी।

मेंटरशिप से तैयारी को मिलती है सही दिशा

अजय गुप्ता ने कहा कि एक योग्य और अनुभवी मेंटर का मार्गदर्शन अभ्यर्थियों को अनावश्यक भटकाव से बचाता है। इससे तैयारी की दिशा स्पष्ट होती है और समय व संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।

करेंट अफेयर्स का विश्लेषणात्मक अध्ययन जरूरी

उन्होंने कहा कि UPSC की तैयारी में करेंट अफेयर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। अभ्यर्थियों को केवल घटनाओं और खबरों को याद करने के बजाय समसामयिक मुद्दों का विश्लेषणात्मक अध्ययन करना चाहिए। इसका लाभ मुख्य परीक्षा के साथ-साथ इंटरव्यू में भी मिलता है।

समय प्रबंधन और अनुशासन को बनाया सफलता का आधार

अजय गुप्ता ने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी के बीच बेहतर संतुलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित और अनुशासित अध्ययन सफलता की मजबूत नींव तैयार करता है।

उत्तर लेखन और प्रजेंटेशन पर करें लगातार अभ्यास

उन्होंने अभ्यर्थियों को बताया कि मुख्य परीक्षा में केवल विषय का ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं है। कम समय और निर्धारित शब्द सीमा में सटीक, तार्किक और प्रभावी उत्तर लिखने की कला भी विकसित करनी जरूरी है। इसके लिए नियमित उत्तर लेखन और बेहतर प्रस्तुतीकरण का अभ्यास करना चाहिए।

अभ्यर्थियों ने पूछे तैयारी से जुड़े सवाल

सेमिनार के समापन पर प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा, वैकल्पिक विषय, उत्तर लेखन और परीक्षा की रणनीति से जुड़े सवाल पूछे। अजय गुप्ता ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए अपनी तैयारी से जुड़े व्यावहारिक अनुभव भी साझा किए।

कार्यक्रम में उड़ान IAS एकेडमी के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. योगेश्वर मिश्रा, आर.के. सिंह, निखिल अग्रवाल, सुयश सिंह, हेमंत प्रधान, चेतन राजपूत एवं सौमित्र शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सेमिनार में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। अभ्यर्थियों ने इस मार्गदर्शन सत्र को उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि सफल अभ्यर्थी से सीधे संवाद के माध्यम से उन्हें UPSC की तैयारी को लेकर व्यावहारिक दिशा और नई ऊर्जा मिली।

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