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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR-NIBSM के कार्यों की सराहना की

फसल तनाव प्रबंधन, कृषि अनुसंधान और किसानोन्मुख तकनीकों पर हुई चर्चा; निकट भविष्य में NIBSM का दौरा करेंगे केंद्रीय मंत्री

by bholuchand news

रायपुर, 12 सितंबर 2026। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद विमानतल पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनका स्वागत किया। रायपुर प्रवास के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM) के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों, तकनीकी हस्तक्षेपों और किसान-केंद्रित प्रमुख पहलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी।

कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर NIBSM के शोध की जानकारी

डॉ. पी.के. राय ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि ICAR-NIBSM फसलों में कीट-व्याधियों, रोगों और अन्य जैविक तनावों के कारण होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में अनुसंधान कर रहा है। उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित की जा रही ऐसी सतत एवं किसानोन्मुख तकनीकों की जानकारी भी दी, जिनका उद्देश्य फसल उत्पादकता बढ़ाने के साथ कृषि की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। डॉ. राय ने राज्य के कृषि विभाग के साथ समन्वय से भारतीय कृषि को सुदृढ़ बनाने के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों से भी केंद्रीय कृषि मंत्री को अवगत कराया।

ICAR-NIBSM के योगदान की केंद्रीय मंत्री ने की सराहना

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में ICAR-NIBSM के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थापित यह संस्थान कृषि क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों, नवाचारों और किसान-केंद्रित पहलों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उभरती कृषि चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

निकट भविष्य में NIBSM का दौरा करने की जताई इच्छा

केंद्रीय कृषि मंत्री ने ICAR-NIBSM की गतिविधियों और वहां चल रहे अनुसंधान कार्यों को करीब से देखने के लिए निकट भविष्य में संस्थान का दौरा करने की इच्छा भी व्यक्त की। उनकी इस पहल से संस्थान में चल रहे कृषि अनुसंधान, जैविक स्ट्रेस प्रबंधन तथा किसान हितैषी तकनीकों को लेकर केंद्र स्तर पर और अधिक संवाद एवं सहयोग की संभावनाएं मजबूत होने की उम्मीद है।

केंद्र-राज्य समन्वय से कृषि अनुसंधान को मिलेगा बल

केंद्रीय कृषि मंत्री और ICAR-NIBSM के निदेशक के बीच हुई यह मुलाकात केंद्र एवं राज्य सरकारों तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बीच बेहतर समन्वय के महत्व को रेखांकित करती है।बैठक में फसलों पर पड़ने वाले विभिन्न जैविक तनावों के प्रभाव को कम करने, वैज्ञानिक अनुसंधान को किसानों तक पहुंचाने, नई तकनीकों के विकास और कृषि क्षेत्र को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई। ICAR-NIBSM द्वारा किए जा रहे अनुसंधान और तकनीकी हस्तक्षेपों से आने वाले समय में किसानों को बदलती कृषि चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक प्रभावी और टिकाऊ समाधान उपलब्ध कराने की उम्मीद है।

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