उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने दर्दनाक रूप ले लिया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार हादसे में 10 छात्रों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कुछ अन्य लोगों के अब भी भवन के भीतर फंसे होने की सूचना है। कई छात्र धुएं और आग से बचने के लिए बाथरूम में छिप गए थे, जहां से उन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू टीमों ने विशेष अभियान चलाया। हालांकि, मृतकों और फंसे लोगों की आधिकारिक संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से अंतिम पुष्टि का इंतजार है। हालिया रिपोर्टों में कम-से-कम चार लोगों की मौत और कई के घायल होने की बात सामने आई है।
धुएं से भर गया पूरा भवन
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगते ही कुछ ही मिनटों में पूरा कोचिंग सेंटर धुएं से भर गया। बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने पर कई छात्रों ने खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाकर जान बचाने की कोशिश की। कुछ छात्र अंदर ही सुरक्षित जगह तलाशते हुए बाथरूम में छिप गए थे।
बचाव अभियान में जुटीं कई एजेंसियां
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म समेत कई दमकल वाहनों की मदद से आग बुझाने और लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया गया। राहत एवं बचाव कार्य देर तक जारी रहा।

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वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री पहुंचे मौके पर
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी और राज्य सरकार के प्रतिनिधि घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और पूरे मामले की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

