रायपुर, 22 जून 2026। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) एक बड़ी क्रांति लेकर आया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता सुधार, अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा आधुनिक शैक्षणिक अधोसंरचना विकसित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा राज्य को करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।
PM-USHA योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक उच्च शिक्षा की पहुंच मजबूत हो रही है। इससे लाखों विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी।
PM-USHA योजना क्या है?
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लागू किया गया है। यह पूर्व की राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) योजना का उन्नत स्वरूप है।
इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक बनाना, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, अनुसंधान को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
छत्तीसगढ़ को मिला अधोसंरचना विकास के लिए बड़ा बजट
PM-USHA योजना के तहत देशभर के लिए 12,926.10 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस राशि का महत्वपूर्ण हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी प्राप्त हुआ है।
योजना के अंतर्गत चयनित शासकीय विश्वविद्यालयों को मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (MERU) मॉडल के तहत 20 करोड़ रुपये से लेकर 100 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
इसके अलावा चयनित शासकीय महाविद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 5 करोड़ रुपये तक की परियोजना आधारित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कॉलेजों में बन रहे स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब
छत्तीसगढ़ में PM-USHA योजना तेजी से धरातल पर उतर रही है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समझौता किया जा चुका है और कई कॉलेजों ने अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर जमा कर दी है।
योजना के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में:
- स्मार्ट क्लासरूम का निर्माण
- आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी प्रयोगशालाएं
- अत्याधुनिक कंप्यूटर सेंटर
- डिजिटल लर्निंग सुविधाएं
- अनुसंधान आधारित संसाधन केंद्र
स्थापित किए जा रहे हैं।
इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
बस्तर और सरगुजा के छात्रों को मिलेगा विशेष लाभ
PM-USHA योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है।
छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों, वनांचल इलाकों और दूरस्थ अंचलों के कॉलेजों को प्राथमिकता दी गई है।
योजना के अंतर्गत:
- बस्तर संभाग
- सरगुजा संभाग
- धमतरी
- गरियाबंद
- महासमुंद
- अन्य आकांक्षी जिले
विशेष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शहरों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
PM-USHA से 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा फायदा
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार PM-USHA योजना से छत्तीसगढ़ के विभिन्न शासकीय शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत लगभग 5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे।
विशेष रूप से:
- ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी
- अनुसूचित जनजाति (ST)
- अनुसूचित जाति (SC)
- महिला छात्राएं
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग
इस योजना से सबसे अधिक लाभ प्राप्त करेंगे।
अब दूर-दराज के गांवों और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मिलेगा बल
PM-USHA योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
योजना के माध्यम से:
- बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा
- अनुसंधान संस्कृति का विकास
- नवाचार आधारित शिक्षा
- डिजिटल शिक्षा विस्तार
- कौशल विकास कार्यक्रम
को मजबूती मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मदद करेगी।
छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा में नया अध्याय
PM-USHA योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल सुविधाएं, स्मार्ट क्लासरूम और अनुसंधान केंद्र विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देंगे।
यह योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में PM-USHA छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अधिक जानकारी के लिए शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
https://pmusha.education.gov.in/pm-usha/
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