किसानों के चेहरे पर मिठास: भोरमदेव शक्कर कारखाना ने किसानों को किया 107 करोड़ रुपये का भुगतान, देश में बनाया नया रिकॉर्ड
रायपुर, 22 जून 2026। गन्ना किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता फसल का समय पर भुगतान होती है, लेकिन छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने इस चिंता को विश्वास में बदल दिया है। कारखाने ने लगातार दूसरे वर्ष जून माह में ही किसानों को एफआरपी (Fair and Remunerative Price) और अतिरिक्त रिकवरी राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कर देश के सहकारी शक्कर उद्योग में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
भोरमदेव शक्कर कारखाना अब केवल चीनी उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे, पारदर्शिता और मजबूत सहकारिता मॉडल का प्रतीक बनकर उभरा है। यही वजह है कि इसकी कार्यप्रणाली देशभर के अन्य सहकारी शक्कर कारखानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
29.83 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर
रविवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री Vijay Sharma की मौजूदगी में 29.83 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित किए गए।
इस राशि में:
- 6.91 करोड़ रुपये एफआरपी की शेष राशि
- 22.92 करोड़ रुपये अतिरिक्त रिकवरी राशि शामिल है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने किसानों को 107.10 करोड़ रुपये का भुगतान कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
इसके साथ ही पेराई सत्र 2025-26 के दौरान किसानों को कुल 107.10 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा कर लिया गया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
किसानों का अपना संस्थान बना भोरमदेव शक्कर कारखाना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ आर्थिक भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों और सहकारिता व्यवस्था के बीच मजबूत विश्वास का प्रमाण भी है।
उन्होंने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों गन्ना किसानों का अपना संस्थान है। उन्होंने किसानों से अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता वाले गन्ने की आपूर्ति करने की अपील करते हुए आगामी सत्र में 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना पेराई का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।
किसान हितैषी योजनाओं से बढ़ रही उत्पादकता
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना केवल समय पर भुगतान के लिए ही नहीं, बल्कि किसान हितैषी नवाचारों के लिए भी चर्चा में है।
कारखाने द्वारा किसानों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
- लगातार तीसरे वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक शुगर रिकवरी
- रियायती दर पर शक्कर वितरण
- ‘बलराम सदन’ कृषक प्रतीक्षालय
- मिट्टी परीक्षण सुविधा
- प्रेसमड का वितरण
- उन्नत गन्ना बीज एवं सीडलिंग उपलब्धता
- नियमित तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम
इन पहलों से किसानों की लागत कम हो रही है और उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
श्रमिकों के लिए भी विशेष पहल
कारखाना परिसर में संचालित Shaheed Veer Narayan Singh Shram Ann Yojana के तहत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है।
भोरमदेव मॉडल बन रहा देश के लिए प्रेरणा
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के चेयरमैन एवं कलेक्टर Gopal Verma के मार्गदर्शन में अपनाई गई पारदर्शी और किसान-केंद्रित कार्यप्रणाली ने इस कारखाने को देश के अग्रणी सहकारी शक्कर कारखानों की सूची में शामिल कर दिया है।
समय पर भुगतान, आधुनिक तकनीक, उत्पादन वृद्धि और किसानों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत सहकारिता मॉडल न केवल उद्योग को आगे बढ़ाता है, बल्कि पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और गति प्रदान करता है।

