छत्तीसगढ़ में सशस्त्र बलों की भर्ती को लेकर बड़ी योजना तैयार की गई है। वर्ष 2026-27 के लिए कुल 1816 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें 2 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। इस बार भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने एक सिंगल सॉल्यूशन प्रोवाइडर के चयन हेतु टेंडर जारी किया है।
कई श्रेणियों में भरे जाएंगे पद
भर्ती अभियान के तहत कांस्टेबल जीडी (ट्रेड्समैन), आर्म्स, मोटर ट्रांसपोर्ट, बैंड, डॉग स्क्वॉड, घुड़सवार और अस्तबल सहायक जैसे पद शामिल हैं। इसके अलावा मेडिकल और तकनीकी स्टाफ जैसे हेड कांस्टेबल (नर्सिंग), सहायक प्लाटून कमांडर (नर्सिंग), पुरुष और महिला नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, नर्सिंग असिस्टेंट, कंपाउंडर और ड्रेसर के पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी।
भर्ती प्रक्रिया में होगा तकनीक का बड़ा इस्तेमाल
पूरी भर्ती प्रक्रिया को डिजिटल और हाईटेक बनाया जाएगा। चयनित सॉल्यूशन प्रोवाइडर उम्मीदवारों के ऑनलाइन आवेदन से लेकर डेटा प्रबंधन तक का काम संभालेगा। शारीरिक मानक परीक्षण (PST) के दौरान उम्मीदवारों की ऊंचाई और सीने का माप डिजिटल उपकरणों से लिया जाएगा और उसी समय रिपोर्ट कार्ड जारी किया जाएगा।
शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) में दौड़ का समय RFID तकनीक के जरिए रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके साथ ही सभी गतिविधियों की डिजिटल मॉनिटरिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे। लंबी कूद, ऊंची कूद और शॉट-पुट जैसी स्पर्धाओं में भी डिजिटल माप प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
पांच केंद्रों पर रोजाना 1000 अभ्यर्थियों का टेस्ट
भर्ती के लिए राज्य में पांच अलग-अलग केंद्र बनाए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र पर रोजाना कम से कम 1000 उम्मीदवारों का शारीरिक परीक्षण किया जाएगा। सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ संभव न हो और कोई भी अभ्यर्थी निर्धारित सीमा से अधिक बार प्रयास न कर सके।
लिखित परीक्षा और मूल्यांकन पूरी तरह डिजिटल
लिखित परीक्षा के लिए ओएमआर शीट का उपयोग किया जाएगा, जिसकी डिजाइनिंग, प्रिंटिंग, स्कैनिंग और मूल्यांकन की जिम्मेदारी भी सॉल्यूशन प्रोवाइडर के पास होगी। परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी और हर चरण के अंक स्वतः मास्टर डेटा में अपडेट होते रहेंगे।
रियल टाइम रिजल्ट और फर्जीवाड़े पर रोक
उम्मीदवारों के परिणाम रियल टाइम में सिस्टम पर अपलोड किए जाएंगे। परीक्षा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए OMR और OCR तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे किसी और की जगह परीक्षा देने या डुप्लीकेशन जैसी समस्याओं पर पूरी तरह रोक लगेगी।
बायोमेट्रिक और क्लाउड सिस्टम से होगी निगरानी
पूरी भर्ती प्रक्रिया के लिए एक एडवांस सॉफ्टवेयर तैयार किया जाएगा, जो डेटा एंट्री, रिजल्ट प्रोसेसिंग और निगरानी का काम करेगा। PST और PET के दौरान उम्मीदवारों की लाइव फोटो ली जाएगी और उसे आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो से मिलाया जाएगा।
इसके अलावा फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन जैसी बायोमेट्रिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। फोटो कैप्चर और वेरिफिकेशन के लिए क्लाउड-आधारित सेवाओं का उपयोग किया जाएगा, जो भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होंगी।

