रायपुर स्थित Columbia College Raipur द्वारा Sterlite EdIndia Foundation के सहयोग से आयोजित अंतर-महाविद्यालयीन टीचिंग प्लान प्रतियोगिता ने शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए प्रशिक्षु शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी शिक्षण क्षमता का प्रदर्शन किया।
कई जिलों से प्रतिभागियों की भागीदारी
यह प्रतियोगिता लगभग दो महीनों तक चली, जिसमें रायपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, कोरबा और बिलासपुर जिलों के कुल 11 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। दो चरणों में आयोजित इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 प्रतिभागियों को फाइनल राउंड के लिए चयनित किया गया।
फाइनल राउंड में दिखी शिक्षण दक्षता
अंतिम चरण में प्रतिभागियों ने अपने-अपने टीचिंग प्लान प्रस्तुत किए और माइक्रो-टीचिंग के माध्यम से अपनी शिक्षण शैली का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों में विषय की गहराई, नवाचार और प्रभावी प्रस्तुति साफ झलक रही थी। यह मंच प्रतिभागियों के लिए सीखने और विचारों के आदान-प्रदान का बेहतरीन अवसर साबित हुआ।
गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। इस दौरान चांसलर Kishore Jadavani, प्रो-चांसलर Harjeet Singh Hura और कुलपति Raman Kumar Jha मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रो-वीसी डॉ. सुमित श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार डॉ. शिव शंकर शुक्ला, Antony Nelliserry और प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार दुबे सहित कई गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
शिक्षक शिक्षा में अनुभव का महत्व
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिक्षक शिक्षा में व्यावहारिक अनुभव और नवाचार की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक प्रभावी शिक्षक वही है जो रचनात्मकता और आधुनिक तकनीकों के साथ विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से जोड़ सके।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
प्रतियोगिता के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और पदक दिए गए। साथ ही विजेताओं को नकद पुरस्कार और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
सामाजिक विज्ञान/भाषा वर्ग: प्रीति मसीह (प्रथम), सूर्यकांत ठाकुर (द्वितीय), आंचल राठौर (तृतीय)
गणित/विज्ञान वर्ग: विकास कुमार शाह (प्रथम), दीक्षा दुबे (द्वितीय), आयुषी सोनी (तृतीय)
प्रतिभागियों ने सराहा आयोजन
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस पहल की सराहना की। यह आयोजन न केवल शिक्षण कौशल को मजबूत करने में सहायक रहा, बल्कि शिक्षक शिक्षा में नवाचार और बेहतर योजना के महत्व को भी उजागर करता है।

