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डिजिटल भू-अभिलेख होंगे और सुरक्षित, गड़बड़ी रोकने ई-एचआरएमएस पोर्टल बनाएगी सरकार : राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

15 अगस्त तक नगरीय पट्टा वितरण सर्वे पूरा करने के निर्देश, तीन साल से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों की मांगी सूची

by Bholuchand News

डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा के लिए बनेगी मजबूत व्यवस्था, ई-एचआरएमएस पोर्टल से होगी अधिकारियों की निगरानी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भूमि अभिलेखों की सुरक्षा, राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विभागीय अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को बेहतर सेवाएं देने और राजस्व व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा।

राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में विभाग की सचिव सुश्री शम्मी आबिदी, संचालक श्री विनीत नंदनवार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मंत्री श्री वर्मा ने डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या साइबर खतरे को रोकने के लिए अभेद्य सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाएगा।

ई-एचआरएमएस पोर्टल से होगी अधिकारियों की निगरानी
राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ई-एचआरएमएस (Electronic Human Resource Management System) पोर्टल विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना, अवकाश, विभागीय जांच, गोपनीय प्रतिवेदन तथा अचल संपत्ति से संबंधित जानकारियां ऑनलाइन अपडेट रहेंगी।

मंत्री श्री वर्मा ने प्रदेशभर में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा भू-अभिलेख शाखा के अधिकारियों की सूची भी तलब की है। साथ ही एक ही हल्के में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत पटवारियों का पूरा विवरण तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

15 अगस्त तक पूरा होगा पट्टा वितरण सर्वे
बैठक में नगरीय क्षेत्रों में पट्टा वितरण की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। मंत्री श्री वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को मालिकाना हक प्रदान करने के लिए आवश्यक सर्वे कार्य 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर भूमि अधिकार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

शासकीय लीज की होगी समीक्षा
राजस्व मंत्री ने शासकीय भूमि प्रबंधन को लेकर भी अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। जिन शासकीय जमीनों की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है, उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने तथा संबंधित पक्षों को सूचना देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुरूप शुल्क निर्धारण कर राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए।

किसानों और ग्रामीणों से जुड़े कार्यों में तेजी
बैठक में एग्रीस्टेक, जियोरेफरेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री जैसे कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मंत्री श्री वर्मा ने अधिकारियों को इन कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीएम और तहसीलदार न्यायालयों में लंबित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और त्रुटि सुधार संबंधी मामलों का जिलेवार निराकरण शीघ्र करने को कहा।

योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर
बैठक में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना के तहत कार्ड वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए सभी स्तरों पर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि तकनीक आधारित प्रशासन और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार का लक्ष्य है। डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा, अधिकारियों की जवाबदेही और भूमि संबंधी मामलों के त्वरित समाधान से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

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