Home » खुले में कचरा जलाने और प्रदूषण फैलाने वालों पर शिकंजा: 47 उद्योगों पर 21.81 लाख का जुर्माना….

खुले में कचरा जलाने और प्रदूषण फैलाने वालों पर शिकंजा: 47 उद्योगों पर 21.81 लाख का जुर्माना….

by Desk 1

रायपुर: छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा घरेलू कचरे (नगरीय ठोस अपशिष्ट) को खुले में जलाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई है। डीपारडीह सरोना, कबीर नगर सेलिब्रिटी होम्स सोसायटी के पास तथा महोबा बाजार रेलवे ब्रिज के समीप खुले में कचरा जलाने के मामलों को लेकर नगर पालिक निगम रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।

धूल प्रदूषण नियंत्रण के निर्देश

सड़क डिवाइडर और डिवाइडर वॉल से गिरने वाली धूल के कारण यातायात के दौरान होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने हेतु नियमित साफ-सफाई, जल छिड़काव और स्वीपिंग करने के निर्देश भी नगर निगम को दिए गए हैं।

रहवासी इलाकों में ईंट भट्टों पर रोक की तैयारी

नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत सरोरा, लोहार बाजार डीपारडीह, सोनडोंगरी, सड्डू/आमासिवनी एवं आसपास के रहवासी क्षेत्रों में संचालित पारंपरिक बंगला भट्टा, हाथ भट्टा/पंजा भट्टा (बिना चिमनी लाल ईंट भट्टा) को प्रतिबंधित करने की कार्रवाई हेतु नगर निगम रायपुर, बीरगांव और उप संचालक, खनिज विभाग रायपुर को पत्र भेजा गया है।

47 उद्योगों पर 21.81 लाख का जुर्माना

जनवरी 2025 से नवम्बर 2025 की अवधि में कच्चे माल, उत्पाद एवं ठोस अपशिष्टों का तारपोलिन से कवर किए बिना परिवहन करने वाले कुल 47 उद्योगों/संस्थानों के विरुद्ध ₹21,81,574 की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है।

प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर बड़ी कार्रवाई

इसी अवधि में रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र उरला, सिलतरा, बीरगांव, सरोरा एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के विरुद्ध— 23 उद्योगों को नोटिस, 24 उद्योगों को उत्पादन बंद करने/विद्युत विच्छेदन के निर्देश, 27 उद्योगों पर ₹57,80,125 की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। यह कार्रवाई वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 एवं जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 के तहत की गई।

दिसंबर 2025 में भी कार्रवाई जारी

माह दिसंबर 2025 में 16 दिसंबर तक की अवधि में भी कार्रवाई जारी रही। इस दौरान— 04 उद्योगों को नोटिस, 01 उद्योग को उत्पादन बंद/बिजली विच्छेदन का आदेश, 02 उद्योगों पर ₹2,55,000 की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई।

निरंतर जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों एवं संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

 

You may also like