रायपुर। संजीवनी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर ने रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की जानकारी दी है। अस्पताल के अनुसार, Varian IDENTIFY और Surface-Guided Radiation Therapy (SGRT) तकनीक की सहायता से मस्तिष्क की रेडिएशन थेरेपी सफलतापूर्वक की गई। अस्पताल का दावा है कि केंद्रीय भारत में पहली बार इस उन्नत तकनीक की मदद से एक मरीज को पारंपरिक टाइट थर्मोप्लास्टिक मास्क के बिना मस्तिष्क रेडिएशन थेरेपी का विकल्प दिया गया। इस उपचार का मार्गदर्शन रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रमेश कोठारी और डॉ. सतीश देवांगन ने किया।
मस्तिष्क की रेडिएशन थेरेपी में सटीकता जरूरी
मस्तिष्क की रेडिएशन थेरेपी के दौरान मरीज के सिर की स्थिति को स्थिर और सटीक बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। पारंपरिक रेडिएशन थेरेपी में सिर को एक निश्चित स्थिति में रखने के लिए थर्मोप्लास्टिक मास्क का इस्तेमाल किया जाता है।
कुछ मरीजों को इस तरह के टाइट मास्क के कारण घुटन, बेचैनी, घबराहट या बंद स्थान जैसा अनुभव हो सकता है। ऐसे मामलों में SGRT जैसी तकनीक उपचार के दौरान मरीज की बाहरी सतह और स्थिति की लगातार निगरानी करने में मदद करती है।
SGRT तकनीक कैसे करती है काम?
Surface-Guided Radiation Therapy (SGRT) में मरीज के शरीर की बाहरी सतह की लगातार निगरानी की जाती है। उपचार के दौरान मरीज की स्थिति में होने वाले बदलावों को वास्तविक समय में देखा जा सकता है। यदि मरीज की स्थिति निर्धारित सीमा से अधिक बदलती है, तो चिकित्सकीय टीम आवश्यक कदम उठा सकती है। इस तरह तकनीक का उद्देश्य रेडिएशन उपचार के दौरान सटीकता बनाए रखने के साथ मरीज की सुविधा और सुरक्षा पर भी ध्यान देना है।
हर मरीज के लिए मास्क-रहित उपचार जरूरी नहीं
डॉ. रमेश कोठारी और डॉ. सतीश देवांगन के अनुसार, आधुनिक SGRT तकनीक कुछ उपयुक्त मरीजों में पारंपरिक टाइट मास्क की आवश्यकता से बचने का विकल्प दे सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मास्क-रहित रेडिएशन थेरेपी हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती। उपचार की विधि का निर्णय मरीज की बीमारी, उपचार क्षेत्र और चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सक करते हैं।
घबराहट और असहजता वाले मरीजों को मिल सकती है सुविधा
मास्क-रहित तकनीक उन मरीजों के लिए विशेष रूप से सुविधाजनक हो सकती है, जिन्हें बंद स्थान में घबराहट होती है या पारंपरिक थर्मोप्लास्टिक मास्क पहनने में असहजता महसूस होती है। चेहरे पर कसाव वाले मास्क की आवश्यकता नहीं होने से कुछ मरीजों को उपचार के दौरान अधिक सहज अनुभव मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए मरीज की चिकित्सकीय स्थिति और उपचार की आवश्यकताओं का विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन किया जाना जरूरी है।
कैंसर उपचार में आधुनिक तकनीक की दिशा में कदम
संजीवनी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में उपलब्ध Varian IDENTIFY और SGRT तकनीक को अस्पताल प्रबंधन ने कैंसर उपचार में आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। डॉ. रमेश कोठारी और डॉ. सतीश देवांगन के अनुसार, आधुनिक रेडिएशन थेरेपी का उद्देश्य केवल उपचार को अधिक सटीक बनाना ही नहीं, बल्कि मरीज की सुरक्षा, सुविधा और उपचार के अनुभव को बेहतर बनाना भी है। अस्पताल के अनुसार, यह पहल आधुनिक रेडिएशन तकनीक और मरीज-केंद्रित कैंसर देखभाल के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक प्रयास है।
ये भी पढ़े...श्री अमृतम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, गंभीर बीमारियों के उपचार की व्यवस्था
और अधिक जानकारी हेतु पढ़ते रहें....भोलूचंद.कॉम
