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रायपुर में 14 वर्षीय किशोरी की 62 डिग्री झुकी रीढ़ हुई सीधी, काशी स्पाइन हॉस्पिटल ने रचा नया इतिहास

by Bholuchand News

रायपुर, 18 जून।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। रायपुर के शंकर नगर स्थित काशी स्पाइन हॉस्पिटल ने 14 वर्षीय किशोरी की 62 डिग्री तक झुकी हुई रीढ़ (स्कोलियोसिस) को सफल सर्जरी के माध्यम से सीधा कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह लगातार दूसरी बार है जब अस्पताल ने जटिल स्कोलियोसिस सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

Kashi spine hospital

Kashi spine hospital

वर्षों से दर्द और परेशानी झेल रही थी किशोरी
रायगढ़ निवासी किशोरी कई वर्षों से स्कोलियोसिस से पीड़ित थी। धीरे-धीरे उसकी रीढ़ एक तरफ झुकती चली गई और पीठ पर कूबड़ बन गया। परिवार ने कई शहरों में इलाज कराया, लेकिन अधिकांश विशेषज्ञों ने सर्जरी को अत्यधिक जोखिमपूर्ण बताते हुए मना कर दिया। कुछ डॉक्टरों ने तो यह तक कह दिया कि ऑपरेशन के बाद बच्ची चलने-फिरने की क्षमता भी खो सकती है।

 

रायपुर में मिली नई उम्मीद
लगातार निराशा के बाद परिवार काशी स्पाइन हॉस्पिटल पहुंचा। विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि किशोरी की रीढ़ 62 डिग्री तक टेढ़ी हो चुकी है। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि समय रहते इलाज नहीं किया जाता तो भविष्य में फेफड़ों और हृदय पर भी गंभीर असर पड़ सकता था।

छह घंटे चली हाई-रिस्क सर्जरी
अस्पताल के निदेशक एवं वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. विमल अग्रवाल के नेतृत्व में करीब छह घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी को अत्याधुनिक न्यूरो-मॉनिटरिंग तकनीक की सहायता से सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ऑपरेशन के दौरान नसों की लगातार निगरानी की गई, जिससे संभावित जोखिमों को समय रहते नियंत्रित किया जा सका।

अगले ही दिन चलने लगी मरीज
सर्जरी के बाद सबसे सुखद पल तब आया जब अगले ही दिन किशोरी अपने पैरों पर चलने लगी। उसकी 62 डिग्री तक झुकी रीढ़ लगभग पूरी तरह सीधी हो चुकी थी। यह नज़ारा परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। वर्षों की चिंता और डर खुशी और राहत में बदल गया।

 

लगातार दूसरी बड़ी उपलब्धि
इससे पहले भी काशी स्पाइन हॉस्पिटल ने बालोद जिले की एक किशोरी की 48 डिग्री झुकी रीढ़ को सफल सर्जरी के जरिए सीधा किया था। अब दूसरी बड़ी सफलता के साथ अस्पताल ने खुद को देश के चुनिंदा स्पाइन उपचार केंद्रों की श्रेणी में स्थापित कर लिया है।
गांव से जर्मनी तक का प्रेरक सफर
डॉ. विमल अग्रवाल छत्तीसगढ़ के किरारी गांव से निकलकर देश के प्रतिष्ठित सर गंगाराम हॉस्पिटल, नई दिल्ली से FNB Spine Surgery की सुपर-स्पेशियलिटी ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने जर्मनी के म्यूनिख में AO Spine International Fellowship के तहत विश्वस्तरीय स्पाइन सर्जरी तकनीकों का प्रशिक्षण भी हासिल किया है।

छत्तीसगढ़ को बनाना चाहते हैं स्पाइन केयर हब
डॉ. विमल अग्रवाल का कहना है कि उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी स्पाइन केयर हब बनाना है ताकि प्रदेश के मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए दिल्ली, मुंबई या विदेश न जाना पड़े। उनका प्रयास है कि विश्वस्तरीय स्पाइन उपचार की सभी सुविधाएं अब छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध हों।

मध्य भारत का पहला एक्सक्लूसिव स्पाइन सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
रायपुर स्थित काशी स्पाइन हॉस्पिटल मध्य भारत का पहला एक्सक्लूसिव स्पाइन सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल है। यहां स्पाइनल नेविगेशन, न्यूरो मॉनिटरिंग, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी, स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन, स्लिप डिस्क, पैरालिसिस, स्पाइनल ट्यूमर, ट्रॉमा, फ्रैक्चर तथा अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

यह सफलता केवल एक जटिल सर्जरी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र की बढ़ती विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का भी प्रमाण है। इससे प्रदेश के मरीजों में यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि अब गंभीर स्पाइन रोगों का विश्वस्तरीय इलाज रायपुर में भी संभव है।

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