छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार की ओर से एक और बड़ा उपहार मिला है। राज्य के रजत जयंती वर्ष के मौके पर रायपुर में अत्याधुनिक स्पेस लैब स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। यह निर्णय प्रदेश के विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन ने पत्र भेजकर इसकी आधिकारिक स्वीकृति की जानकारी दी है।
बताया जा रहा है कि यह स्पेस लैब लाखों विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीक और शोध का वास्तविक अनुभव प्रदान करेगी। इससे युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा और वे नवाचार के नए अवसरों से जुड़ सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस लैब की स्थापना से प्रदेश में विज्ञान शिक्षा का स्तर और ऊँचा होगा।
उधर, लोकसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन एक सांसद ने नियम 377 के तहत पूरे देश में ऐसे स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि देशभर में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएं, तो भारत के हर बच्चे को विज्ञान और अंतरिक्ष तकनीक सीखने के समान अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, प्रदेश की भाजपा सरकार का कहना है कि डबल इंजन की सरकार होने के कारण छत्तीसगढ़ को अब विकास से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट बहुत तेजी से मंजूर हो रहे हैं।
