रायपुर, 18 सितंबर 2026। हार्ट अटैक और गंभीर हृदय रोगों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कई महंगी एवं जीवनरक्षक दवाएं और इंजेक्शन अब सरकारी अस्पताल में मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार मरीजों को इन दवाओं की सुविधा मिल रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से उपलब्ध कराई जा रही इस सुविधा से गरीब एवं जरूरतमंद हृदय रोगियों और उनके परिजनों को महंगी दवाओं एवं उपचार के खर्च से राहत मिल रही है।
एसीआई में उपलब्ध हैं आधुनिक हृदय रोग की दवाएं
एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, अस्पताल में हृदय रोगों के उपचार से संबंधित कई महत्वपूर्ण दवाएं और इंजेक्शन उपलब्ध हैं। इनमें टिकैग्रिलोर 90 मिलीग्राम, टेनेक्टेप्लेस (TNK-tPA) इंजेक्शन, व्यामाडा, एज़ेटिमाइब, मावाकैम्टेन, सरोग्लिटाज़ार, इवोलोकुमैब (रिपाथा), सेमाग्लूटाइड तथा न्यूमोकोकल वैक्सीन सहित अन्य आवश्यक दवाएं शामिल हैं। इनमें से कुछ दवाओं का उपयोग मरीज की बीमारी, स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार किया जाता है।
बाजार में महंगी, अस्पताल में निःशुल्क
डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, इनमें से कई दवाओं की बाजार कीमत सामान्य दवाओं की तुलना में काफी अधिक है। टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन की बाजार कीमत लगभग 35 से 40 हजार रुपये तथा मावाकैम्टेन की कीमत लगभग 21 से 22 हजार रुपये बताई गई है। वहीं इवोलोकुमैब सहित अन्य विशेष दवाओं की कीमत ब्रांड, डोज और पैक साइज के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में अस्पताल में चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार इन दवाओं की निःशुल्क उपलब्धता मरीजों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक राहत का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
हार्ट अटैक के उपचार में उपयोग होने वाले महंगे इंजेक्शन भी उपलब्ध
गंभीर हृदय रोगियों और विशेष रूप से हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उपयोग होने वाले रिकॉम्बिनेंट टिश्यू प्लास्मिनोजेन एक्टिवेटर (TNK-t-PA) यानी टेनेक्टेप्लेस के 20 मिलीग्राम, 30 मिलीग्राम और 40 मिलीग्राम इंजेक्शन उपलब्ध हैं। इसके साथ ही स्ट्रेप्टोकाइनेज 15 लाख IU इंजेक्शन भी अस्पताल में उपलब्ध है। इन दवाओं का उपयोग विशेष परिस्थितियों में रक्त के थक्के को घोलने के लिए चिकित्सकीय निगरानी में किया जाता है। हार्ट अटैक के मरीजों के उपचार में समय पर आवश्यक दवा उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण होता है। अस्पताल में इन दवाओं की उपलब्धता से आपातकालीन उपचार के दौरान बाहर से दवाएं मंगाने पर निर्भरता कम होती है।
एंजियोग्राफी सहित अन्य उपचारों में उपयोगी दवाएं भी उपलब्ध
अस्पताल में एंजियोग्राफी में उपयोग होने वाला नॉन-आयोनिक कॉन्ट्रास्ट मीडिया—ऑम्निपेक और विजिपेक भी उपलब्ध है। इसके अलावा अस्पताल की आपूर्ति में एनोक्सापारिन 60 मिलीग्राम इंजेक्शन, हेपरिन, ह्यूमन एल्ब्यूमिन 20 प्रतिशत, नाइट्रोग्लिसरीन, निकोरैंडिल, आइसोप्रेनालिन, लिडोकेन जैसी आवश्यक दवाएं भी शामिल हैं। गंभीर संक्रमण और अन्य आपातकालीन स्थितियों में उपयोग होने वाली इमिपेनम-सिलास्टिन, पाइपरैसिलिन-टैजोबैक्टम, लाइनज़ोलिड, टीकोप्लानिन और सेवोफ्लुरेन जैसी दवाएं भी अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे गंभीर हृदय रोगियों को उपचार के दौरान आवश्यक दवाओं के लिए बाहर से खरीदारी करने की आवश्यकता कम होती है और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी घटता है।
महंगी दवाओं की खरीदी से परिवारों को राहत
पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी के अनुसार, अस्पताल में उपलब्ध कई दवाएं ऐसी हैं जिनकी बाजार कीमत काफी अधिक है। गंभीर बीमारी के दौरान इन दवाओं और इंजेक्शनों की निजी तौर पर खरीद मरीज के परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में इनकी निःशुल्क उपलब्धता मरीजों के लिए राहत की बात है। वहीं अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में गंभीर हृदय रोगियों के उपचार में उपयोग होने वाली महत्वपूर्ण एवं महंगी दवाएं और इंजेक्शन अस्पताल की व्यवस्था के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से हार्ट अटैक, गंभीर संक्रमण, रक्त के थक्के तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक दवाओं की अस्पताल में उपलब्धता से मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। साथ ही परिजनों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने की जरूरत कम होती है।
सरकारी अस्पताल में आधुनिक हृदय उपचार की सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को बेहतर एवं सुलभ उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में आधुनिक, महंगी एवं जीवनरक्षक दवाओं की निःशुल्क उपलब्धता गंभीर हृदय रोगियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे जरूरतमंद मरीजों को उपचार के दौरान दवाओं के अतिरिक्त आर्थिक खर्च से राहत मिलने के साथ समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में भी मदद मिल रही है।
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