छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री चिरायु योजना एक बार फिर गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चे के लिए जीवनदायिनी साबित हुई है। राजधानी रायपुर के मोवा स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल में ब्लू बेबी सिंड्रोम (जन्मजात हृदय रोग) से पीड़ित दो वर्षीय बच्ची का सफल ऑपरेशन किया गया। इस जटिल और महंगे इलाज के लिए परिवार को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा, क्योंकि पूरा उपचार चिरायु योजना के तहत निःशुल्क किया गया।
इस सफल सर्जरी को कार्डियक सर्जन डॉ. विवेक वाधवा और कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. देवेंद्र पांडे की विशेषज्ञ टीम ने अंजाम दिया।
मां को सड़क हादसे में खोया, अब बड़े पापा-मम्मी बने सहारा
मासूम की जिंदगी पहले से ही मुश्किलों से भरी रही है। कुछ समय पहले सड़क दुर्घटना में उसकी मां का निधन हो गया था, जबकि बच्ची भी गंभीर रूप से घायल हुई थी। अब उसकी देखभाल बड़े पापा और बड़ी मम्मी कर रहे हैं। बड़े पापा पुलिस विभाग में जगदलपुर में पदस्थ हैं।
अस्पताल पहुंचने पर ऑक्सीजन लेवल था केवल 55 प्रतिशत
डॉक्टरों के अनुसार बच्ची जब अस्पताल पहुंची तब उसकी हालत बेहद गंभीर थी। शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण उसका ऑक्सीजन लेवल मात्र 55 प्रतिशत था। समय रहते ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद बच्ची की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और ऑक्सीजन लेवल बढ़कर 85 प्रतिशत तक पहुंच गया। चिकित्सकों के अनुसार अगला ऑपरेशन 6 से 8 महीने बाद किया जाएगा।
क्या है ब्लू बेबी सिंड्रोम?
ब्लू बेबी सिंड्रोम जन्मजात हृदय संबंधी गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चे के होंठ, नाखून और त्वचा नीली या बैंगनी दिखाई देने लगती है। इसके प्रमुख लक्षण हैं—
- त्वचा और होंठों का नीला पड़ना
- तेज सांस चलना
- दूध पीने में परेशानी
- वजन नहीं बढ़ना
- अत्यधिक सुस्ती और चिड़चिड़ापन
बच्चों के लिए वरदान बनी चिरायु योजना
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत संचालित मुख्यमंत्री चिरायु योजना के माध्यम से 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग की जाती है। योजना के तहत 44 प्रकार की जन्मजात एवं गंभीर बीमारियों जैसे दिल में छेद, क्लब फुट, कटे होंठ और अन्य गंभीर रोगों का पूरी तरह निःशुल्क इलाज और सर्जरी उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना की बदौलत हजारों बच्चों को नया जीवन मिल रहा है।

