बिलासपुर, 16 जून 2026
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने और नागरिकों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर जिला प्रशासन ने हेलमेट उपयोग को बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनने को प्राथमिकता देने और इसके प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल देती हैं। पिछले वर्ष बिलासपुर जिले में लगभग 300 लोगों की सड़क हादसों में मृत्यु हुई थी। इनमें कई ऐसे मामले शामिल थे, जिन्हें यातायात नियमों का पालन कर और हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करके रोका जा सकता था।
हेलमेट पहनना कानूनी और जीवनरक्षक दोनों
मोटर यान अधिनियम 1988 के अनुसार दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटना के दौरान हेलमेट सिर को गंभीर चोटों से बचाने में सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच साबित होता है और मृत्यु की संभावना को काफी हद तक कम कर देता है।
इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन सभी शासकीय कार्यालयों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हेलमेट उपयोग को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।
अधिकारी-कर्मचारी और नागरिकों को किया जाएगा प्रेरित
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही सफल हो सकती है।
“एक हेलमेट, अनेक जीवन सुरक्षित”
जिला प्रशासन का मानना है कि एक छोटी सी सावधानी कई परिवारों को असमय दुख और संकट से बचा सकती है। हेलमेट पहनने की आदत न केवल चालक की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि उसके परिवार के भविष्य को भी सुरक्षित बनाती है।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं हेलमेट पहनें और अपने परिवार, मित्रों तथा परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करें। सुरक्षित यात्रा और जिम्मेदार नागरिकता का यह संकल्प सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


