रायपुर, 12 जून 2026
छत्तीसगढ़ में छोटे कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 1 लाख 12 हजार 36 से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को 256 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की ऋण सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
सड़क किनारे सब्जी, फल, चाय-नाश्ता, कपड़े, जूते-चप्पल और अन्य छोटे व्यवसाय संचालित करने वाले लोगों के लिए पूंजी की कमी हमेशा बड़ी चुनौती रही है। बैंकिंग सुविधाओं तक सीमित पहुंच के कारण उनका व्यवसाय आगे नहीं बढ़ पाता था। ऐसे में पीएम स्वनिधि योजना ने हजारों परिवारों को नया आर्थिक संबल प्रदान किया है।
कोविड-19 महामारी के दौरान प्रभावित हुए छोटे कारोबारियों की मदद के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1 जून 2020 को इस योजना की शुरुआत की गई थी। योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में कार्यरत स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को दोबारा शुरू कर सकें और उसका विस्तार कर सकें।
योजना के तहत पहले चरण में 10 हजार रुपये, दूसरे चरण में 20 हजार रुपये और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को अगले चरण में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने की सुविधा मिलती है।
योजना का लाभ सब्जी एवं फल विक्रेता, चाय और फास्ट फूड विक्रेता, पान दुकान संचालक, कपड़ा विक्रेता, स्टेशनरी व्यवसायी, फूल विक्रेता, मोबाइल एक्सेसरीज विक्रेता, नाई, मोची और लॉन्ड्री सेवा प्रदाताओं सहित अनेक छोटे उद्यमियों को मिल रहा है।
राज्य में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और धमतरी सहित कई जिलों में बड़ी संख्या में पथ विक्रेता इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। राज्य स्तर पर स्वीकृत 267.22 करोड़ रुपये की राशि में से 256.94 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छोटे उद्यमियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। इससे स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और वे अपने परिवारों के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर पा रहे हैं।
आज प्रदेश के हजारों मेहनतकश व्यवसायी इस योजना के माध्यम से अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। पीएम स्वनिधि योजना वास्तव में उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनी है, जो अपनी मेहनत और लगन से शहरों की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं।

