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तकनीक, प्रशिक्षण और सख्त निगरानी से सड़क हादसों पर लगाम लगाने की तैयारी

by Bholuchand News

छत्तीसगढ़ सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए तकनीक आधारित निगरानी, बेहतर चालक प्रशिक्षण और सख्त प्रवर्तन व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है। इसी दिशा में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा संबंधी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान विधायक श्री अनुज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में आधुनिक वाहन फिटनेस केंद्रों, ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, एएनपीआर कैमरों और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जनवरी से मई 2026 के बीच प्रदेशभर में 31 हजार 604 वाहनों की फिटनेस जांच की गई, जबकि तकनीकी निगरानी तंत्र के माध्यम से 61 हजार से अधिक चालान जारी किए गए।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल शासन या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की नियमित समीक्षा, सड़क सुधार कार्यों और जन-जागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से यातायात नियमों के पालन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी का अभियान बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। तकनीक, प्रशिक्षण, जन-जागरूकता और प्रभावी प्रवर्तन के माध्यम से दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक में जानकारी दी गई कि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव और जांजगीर-चांपा सहित विभिन्न जिलों में संचालित आधुनिक फिटनेस केंद्रों में जनवरी से मई 2026 तक 31 हजार 604 वाहनों की जांच की गई।

सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के कई जिलों में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक संचालित किए जा रहे हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में आठ नए जिलों में इनका निर्माण किया जा रहा है। बिलासपुर और जगदलपुर में क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं, जबकि 14 जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए प्रदेशभर में 174 एएनपीआर कैमरे और सात लिडार आधारित स्पीड कैमरे लगाए गए हैं। इनके माध्यम से जनवरी से मई 2026 तक 61 हजार से अधिक चालान जारी किए गए। वहीं अब तक 2 लाख 68 हजार 316 वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जा चुके हैं।

नवा रायपुर स्थित आईडीटीआर में वाहन चालकों को आधुनिक तकनीकों के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2025 में 15 हजार 779 तथा वर्ष 2026 में अप्रैल तक 4 हजार 64 वाहन चालकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में जनवरी से अप्रैल 2026 के दौरान 2.86 लाख वाहनों से 62.21 करोड़ रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। वहीं गंभीर उल्लंघनों के मामलों में वर्ष 2025-26 के दौरान 7 हजार 434 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए गए।

राज्य सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और नागरिकों की सहभागिता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है तथा प्रदेश में सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।

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