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मुख्यमंत्री विद्यार्थी उत्कर्ष योजना: निजी स्कूलों में कक्षा 12वीं तक मिलेगी मुफ्त शिक्षा, 20 जून तक करें आवेदन

by Bholuchand News

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी।

योजना के अंतर्गत प्रवेश के लिए राज्य स्तरीय लिखित परीक्षा का आयोजन 5 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी 20 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को संवार सकें। चयनित विद्यार्थियों की स्कूल फीस सहित पढ़ाई से संबंधित पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। साथ ही उसके पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र होना चाहिए। छात्र वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में अध्ययनरत हो तथा कक्षा 4वीं की परीक्षा में कम से कम 80 प्रतिशत अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया हो।

इसके अलावा अभिभावक की वार्षिक आय सभी स्रोतों को मिलाकर ढाई लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र और स्वघोषणा पत्र भी आवेदन के साथ जमा करना होगा।

ग्रामीण विद्यार्थियों को प्राथमिकता

यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए बनाई गई है। केवल ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों से कक्षा चौथी उत्तीर्ण करने वाले छात्र ही आवेदन के पात्र होंगे।

विद्यार्थी उसी जिले में आवेदन कर सकेंगे, जिसके वे मूल निवासी हैं। अन्य जिले में किया गया आवेदन मान्य नहीं होगा।

आवेदन प्रक्रिया

विद्यार्थी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 20 जून 2026 की शाम 5 बजे तक अपने विद्यालय में जमा कर सकते हैं। इसके बाद विद्यालय स्तर पर दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा और आगे की प्रक्रिया संबंधित विभाग द्वारा पूरी की जाएगी।

आदिवासी विकास विभाग ने सभी स्कूलों के प्रधानपाठकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के योग्य विद्यार्थियों को योजना की जानकारी दें तथा आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक छात्र इस योजना का लाभ उठा सकें।

राज्य सरकार का मानना है कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी ।

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