रायपुर। पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की ओर से सिलाई मशीन सप्लाई टेंडर के नाम पर कथित आर्थिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। संस्था ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
संस्था द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, राजकुमार टंडन पिता अशोक कुमार, निवासी जलमपुर जिला धमतरी (छत्तीसगढ़), जो “AISECT EDUCATION CENTRE MANPUR” के नाम से कंप्यूटर सेंटर संचालित करते हैं, द्वारा कांकेर क्षेत्र में सिलाई मशीन सप्लाई संबंधी टेंडर एवं वर्क ऑर्डर दिलाने का आश्वासन दिया गया था।
प्रेस नोट में बताया गया है कि मार्च 2026 के दौरान टेंडर प्रक्रिया को लेकर बातचीत हुई थी। संस्था का आरोप है कि इस दौरान कथित रूप से फर्जी तरीके से वर्क ऑर्डर तैयार कर विश्वास में लिया गया। इसके बाद टेंडर बेस एवं प्रोसेसिंग के नाम पर संस्था से कुल ₹2,10,000 की राशि ली गई।
संस्था का कहना है कि भुगतान के बाद अब तक न तो किसी प्रकार का कार्य प्राप्त हुआ और न ही कोई वैध वर्क ऑर्डर उपलब्ध कराया गया है। साथ ही राशि वापस मांगने पर लगातार टालमटोल किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
प्रेस नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले में उपयोग किए गए कुछ दस्तावेजों में संस्था की सील होने की बात सामने आई है, जिसकी जांच की मांग की गई है।
लेन-देन संबंधी जानकारी के अनुसार संबंधित राशि “Vatsalya Shrijan Youth Organization Chhattisgarh” नाम से जुड़े बैंक खाते में जमा की गई थी। संस्था द्वारा NEFT ट्रांजेक्शन डिटेल्स एवं अन्य संबंधित दस्तावेज प्रशासन और संबंधित विभागों को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
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