रायपुर। पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन की भाठागांव और अमलेश्वर शाखा में राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर गरिमामय वातावरण में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोनों शाखाओं में संस्थान के विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। इस दौरान पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
भाठागांव शाखा में संस्थान की डायरेक्टर डॉ. कविता कुंभज और को-डायरेक्टर मुलचंद कश्यप ने ध्वजारोहण किया। वहीं अमलेश्वर शाखा में डायरेक्टर राहुल कुंभज ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन भाठागांव और अमलेश्वर शाखा में ध्वजारोहण कार्यक्रम
कार्यक्रम में , अध्ययनरत विद्यार्थियों सहित संस्थान के स्टाफ सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
दोनों शाखाओं में दिखा विद्यार्थियों का उत्साह
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया। संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामय बना दिया।
इस अवसर पर पीयूष जैन, खेदूराम सोनकर, रानी सिंह ठाकुर, काजल, दीपिका, राधिका और रेणुका सहित संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
संस्थान की डायरेक्टर डॉ. कविता कुंभज ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पर्व के महत्व से अवगत कराते हुए शिक्षा के साथ राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। वहीं संस्थान प्रबंधन ने विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन भाठागांव और अमलेश्वर शाखा में ध्वजारोहण कार्यक्रम
शिक्षा के साथ राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ उनके व्यक्तित्व विकास और सामाजिक सरोकारों को भी महत्व दिया जाता है। इसी क्रम में राष्ट्रीय महत्व के अवसरों पर संस्थान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
ध्वजारोहण कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि युवा पीढ़ी केवल शिक्षा और रोजगार तक सीमित न रहकर देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझे।
भाठागांव और अमलेश्वर दोनों शाखाओं में आयोजित कार्यक्रम उत्साहपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।
