रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय परिसर-2 में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ का जिला स्तरीय नाट्य मंचन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने संगीत, अभिनय और भावपूर्ण संवादों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, सार्वजनिक सेवा के अनुभवों, सेवा-संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नाट्य प्रस्तुति के जरिए दर्शाया।
कार्यक्रम में भारतीय कला, संगीत और नाट्य परंपरा का सुंदर समन्वय देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सेवा, जनभागीदारी, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
संगीत और अभिनय से जीवंत हुई सेवा और समर्पण की कहानी
‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ नाट्य प्रस्तुति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सार्वजनिक सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का चित्रण किया गया। संगीत और अभिनय के समन्वय से तैयार इस प्रस्तुति ने दर्शकों के सामने सेवा के व्यापक अर्थ और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया।
नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जनसेवा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकता है।
भरतनाट्यम और कथक से प्रस्तुत की वंदे मातरम की गौरवगाथा
कार्यक्रम में नाट्य मंचन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। ‘भारत के रंग’ की सांस्कृतिक भावभूमि पर आधारित वंदे मातरम की गौरवगाथा को भरतनाट्यम और कथक की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों के जरिए विद्यार्थियों ने देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और कला परंपरा को अभिव्यक्त किया। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मकता से समृद्ध बनाया।
सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने की पहल
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व के विचारों को जनसामान्य तक पहुंचाना तथा लोगों को समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करना रहा।
प्रस्तुति में जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। विद्यार्थियों ने नाटक के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सेवा के मूल्यों को प्रसारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
विद्यार्थियों को कला और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का अवसर
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ सार्वजनिक जीवन, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों को समझने का अवसर प्रदान किया।
संगीत, नाट्य और नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत विचारों ने कला एवं संस्कृति की सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति, सामाजिक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने में सहायक होते हैं।
जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में श्री बिसेसर साहू, श्री घम्मन साहू, श्री शशांक ताम्रकार, श्री जैनेन्द्र जंघेल, श्रीमती नीलिमा गोस्वामी, श्रीमती गिरिजा चंद्राकर, श्री विकेश गुप्ता, श्री रामाधार रजक, श्री भावेश कोचर, श्री गोरेलाल वर्मा, श्रीमती वंदना टांडेकर, श्री आयूब सोलंकी, श्री रूपेंद्र रजक और श्री लखन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ के इस मंचन के माध्यम से विद्यार्थियों ने कला और संस्कृति को सामाजिक संदेशों से जोड़ते हुए सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।


