रायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उर्मिला फाउंडेशन की डायरेक्टर नम्रता सिंह ने सेवा, संवेदना और मानवता की अनुकरणीय मिसाल पेश की। भाटा गांव स्थित उर्मिला मेमोरियल मॉडल हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के बीच पहुंचकर उन्होंने उनकी कलाई पर राखी बांधी और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
रक्षाबंधन के अवसर पर नम्रता सिंह ने स्वयं अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों को रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें अपनत्व का एहसास कराया। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच खुशी और भावुकता का माहौल देखने को मिला। घर-परिवार से दूर रहकर उपचार करा रहे मरीजों के चेहरों पर इस पहल के बाद मुस्कान नजर आई।
मरीजों को परिवार जैसा माहौल देना उद्देश्य
उर्मिला फाउंडेशन की डायरेक्टर नम्रता सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक त्योहार के दिन अस्पताल में भर्ती मरीजों को अपने घर-परिवार की कमी महसूस न हो, यही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि बीमारी के दौरान मरीजों के लिए बेहतर चिकित्सा के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी जरूरी होता है। छोटी-छोटी खुशियां मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उनके भीतर सकारात्मक ऊर्जा पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज करा रहा प्रत्येक मरीज हमारे लिए परिवार के सदस्य के समान है और उसकी सेवा करना हमारा दायित्व है।
पैरामेडिकल टीम ने भी मरीजों को बांधी राखी
इस अवसर पर अस्पताल की पैरामेडिकल टीम ने भी सभी मरीजों को राखी बांधी और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। टीम के सदस्यों ने मरीजों से कहा कि जब तक वे अस्पताल में हैं, तब तक अस्पताल की पूरी टीम उनके परिवार की तरह उनके साथ खड़ी है।
पैरामेडिकल टीम के सदस्यों ने एक-दूसरे को भी राखी बांधकर भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। वहीं कुछ मरीजों ने भी अस्पताल की टीम के सदस्यों को राखी बांधकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
फूलों और राखियों से सजाया गया अस्पताल परिसर
रक्षाबंधन को लेकर अस्पताल परिसर को फूलों और राखियों से सजाया गया था। पूरे अस्पताल में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। मरीजों, परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच आत्मीयता और अपनत्व देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंत में अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिठाई और फल वितरित किए गए। इस दौरान मरीजों ने आयोजन के लिए अस्पताल प्रबंधन और पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
इलाज के साथ भावनात्मक सहयोग भी जरूरी : डॉ. विनोद सिंह
उर्मिला मेमोरियल मॉडल हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनोद सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें मानसिक और भावनात्मक सहारा देना भी है।
उन्होंने कहा कि जब कोई मरीज अपने परिवार से दूर रहकर अस्पताल में उपचार कराता है, तो ऐसे आयोजन उसे अपनत्व का एहसास कराते हैं। इससे मरीज के भीतर सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि उर्मिला फाउंडेशन और उर्मिला हॉस्पिटल मरीजों को बेहतर चिकित्सा के साथ मानवीय संवेदना और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सेवा और संवेदना की मिसाल बना आयोजन
रक्षाबंधन के अवसर पर उर्मिला मेमोरियल मॉडल हॉस्पिटल में आयोजित यह कार्यक्रम केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सेवा, संवेदना, भाईचारे और मानवीय रिश्तों का संदेश दिया।
उर्मिला फाउंडेशन की इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में भी मरीजों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस तरह के सामाजिक एवं मानवीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
