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A DBA Degree Offers Top Management Roles and the 'Dr.' Tag

MBA और PhD से आगे! DBA डिग्री से मिलेगा टॉप मैनेजमेंट और ‘Dr.’ का टैग

by Mulchand Kashyap

कॉरपोरेट सेक्टर में हायर एजुकेशन की बात आते ही आमतौर पर MBA या PhD का नाम सामने आता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बिजनेस और मैनेजमेंट की दुनिया में एक नई और बेहद प्रभावशाली डिग्री तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जिसे DBA यानी Doctor of Business Administration कहा जाता है। यह डिग्री खास तौर पर उन अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए तैयार की गई है, जो लंबे समय से कॉरपोरेट दुनिया में काम कर चुके हैं और अब अपने करियर को टॉप लीडरशिप, रणनीतिक भूमिका या ग्लोबल मैनेजमेंट लेवल तक ले जाना चाहते हैं।

DBA क्या है और क्यों माना जाता है खास?

DBA एक डॉक्टरेट स्तर की मैनेजमेंट डिग्री है, जिसे बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के क्षेत्र में सर्वोच्च अकादमिक योग्यता माना जाता है। इसे अक्सर पीएचडी के समान स्तर पर रखा जाता है, लेकिन इसका फोकस पूरी तरह इंडस्ट्री आधारित रिसर्च और प्रैक्टिकल बिजनेस समस्याओं के समाधान पर होता है। इसमें यह अध्ययन किया जाता है कि वास्तविक कॉरपोरेट दुनिया की चुनौतियों को नए मॉडल, डेटा और रणनीतियों के जरिए कैसे हल किया जा सकता है।

MBA और DBA में मुख्य फर्क

MBA और DBA दोनों मैनेजमेंट से जुड़े कोर्स हैं, लेकिन इनका उद्देश्य और स्तर अलग है।

MBA:
यह एक पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री है, जिसे ग्रेजुएशन के बाद या शुरुआती वर्क एक्सपीरियंस के साथ किया जाता है। इसका उद्देश्य मैनेजमेंट की बुनियादी समझ विकसित करना होता है।

DBA:
यह एक एडवांस्ड डॉक्टरेट प्रोग्राम है, जिसे आमतौर पर MBA के बाद और कई वर्षों के कॉरपोरेट अनुभव के बाद किया जाता है। यह कोर्स नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक निर्णय लेने की योग्यता को विकसित करता है। सरल शब्दों में कहें तो MBA करियर की शुरुआत है, जबकि DBA करियर के उच्चतम स्तर तक पहुंचने का माध्यम माना जाता है।

PhD और DBA में क्या अंतर है?

PhD पूरी तरह अकादमिक रिसर्च पर आधारित होती है, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों में पढ़ाना या थ्योरी विकसित करना होता है। वहीं DBA का फोकस वास्तविक बिजनेस समस्याओं पर होता है। DBA करने वाले प्रोफेशनल्स कॉरपोरेट सेक्टर में रहकर केस स्टडी और इंडस्ट्री आधारित रिसर्च करते हैं। यही कारण है कि इसे “प्रैक्टिकल डॉक्टरेट” भी कहा जाता है। इसके अलावा PhD आमतौर पर फुल-टाइम होती है, जबकि DBA वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए पार्ट-टाइम या ऑनलाइन मोड में उपलब्ध होती है।

क्या DBA के बाद नाम के आगे ‘Doctor’ लिखा जा सकता है?

हाँ, DBA एक मान्यता प्राप्त डॉक्टरेट डिग्री है। इसे सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उम्मीदवार अपने नाम के आगे “Dr.” का उपयोग कर सकते हैं। इंटरनेशनल कॉरपोरेट और एकेडमिक जगत में DBA धारकों को PhD स्कॉलर्स के बराबर सम्मान मिलता है।

कोर्स की अवधि कितनी होती है?

DBA प्रोग्राम आमतौर पर 3 से 5 साल की अवधि का होता है। यह कोर्स वर्किंग प्रोफेशनल्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, इसलिए इसमें फ्लेक्सिबल स्टडी पैटर्न भी होता है। शुरुआती चरण में कोर्सवर्क होता है, जबकि बाद के वर्षों में रिसर्च और थीसिस पर फोकस किया जाता है।

भारत में DBA या समकक्ष प्रोग्राम

भारत में कई प्रमुख संस्थान सीधे DBA नाम से नहीं, बल्कि इसके समकक्ष डॉक्टरेट प्रोग्राम ऑफर करते हैं। IIM Ahmedabad, IIM Bangalore और IIM Calcutta जैसे संस्थान Fellow Programme in Management (FPM/EFPM) चलाते हैं, जो DBA के बराबर माने जाते हैं। ISB Hyderabad और SPJIMR Mumbai जैसे संस्थान भी एडवांस्ड मैनेजमेंट रिसर्च प्रोग्राम उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा कई ऑनलाइन और इंटरनेशनल टाई-अप प्रोग्राम्स भी DBA डिग्री प्रदान करते हैं, जो वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए सुविधाजनक होते हैं।

विदेशों में DBA की मांग

DBA डिग्री अमेरिका, यूरोप, यूके और खाड़ी देशों में काफी लोकप्रिय है। इंटरनेशनल कंपनियों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।अगर यह डिग्री AACSB, AMBA या EQUIS जैसे मान्यता प्राप्त संस्थानों से ली गई हो, तो यह पूरी दुनिया में मान्य होती है। ऐसे प्रोफेशनल्स को MNCs में सीनियर लीडरशिप, कंसल्टेंट और वाइस प्रेसिडेंट जैसे पदों पर अवसर मिल सकते हैं।

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