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आरंग के कृष्ण माणिकपुरी बने शिक्षा सेवा की मिसाल, सरकारी स्कूलों के बच्चों को दे रहे निःशुल्क मार्गदर्शन

गांवों में शिक्षा की अलख जगा रहे कृष्ण माणिकपुरी, नैतिक शिक्षा से लेकर करियर गाइडेंस तक बच्चों को सिखा रहे जीवन की जरूरी बातें

by bholuchand news

रायपुर। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नींव है। इसी सोच को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ के आरंग विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में श्री कृष्ण माणिकपुरी निःस्वार्थ भाव से विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी स्तर तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों के बीच उनकी यह पहल शिक्षा के साथ संस्कार और जीवन कौशल विकसित करने का प्रयास है।

निःशुल्क शिक्षा के साथ संस्कारों पर जोर

श्री कृष्ण माणिकपुरी ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवन में उपयोगी विभिन्न विषयों की जानकारी देते हैं। उनके मार्गदर्शन में नैतिक शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, संगीत, नृत्य, लेखन कला और चित्रकला जैसी गतिविधियों को भी महत्व दिया जाता है।

उनका उद्देश्य बच्चों को केवल परीक्षा में सफल होने के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनाने में योगदान देना भी है।

करियर मार्गदर्शन से बच्चों को मिल रही नई दिशा

विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कृष्ण माणिकपुरी उन्हें करियर से जुड़ी जानकारी और मार्गदर्शन भी देते हैं। इससे बच्चों को अपनी रुचि, क्षमताओं और भविष्य की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलता है।

इसके साथ ही वे विद्यार्थियों को माता-पिता का सम्मान करने, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और देश के प्रति नैतिक कर्तव्यों का पालन करने की सीख देते हैं। शिक्षा के माध्यम से बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करना उनकी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

चुनौतियों के बीच जारी है शिक्षा सेवा

अपने करियर की तैयारी और व्यक्तिगत चुनौतियों के बावजूद कृष्ण माणिकपुरी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने के कार्य में निरंतर जुटे हुए हैं। उनकी यह प्रतिबद्धता बताती है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए केवल संसाधन ही नहीं, बल्कि समर्पण और सेवा भावना भी महत्वपूर्ण है।

उनके शिक्षा संबंधी कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न राज्य स्तरीय, सामाजिक और सांस्कृतिक मंचों द्वारा उन्हें सम्मानित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इन सम्मानों के नाम और विवरण उपलब्ध नहीं हैं।

विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने की पहल

आरंग विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को शिक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। बच्चों को पढ़ाई के साथ नैतिक मूल्यों, रचनात्मक गतिविधियों और करियर संबंधी जानकारी से जोड़ना उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में उपयोगी कदम है।

श्री कृष्ण माणिकपुरी की यह पहल संदेश देती है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि उस ज्ञान के माध्यम से समाज और देश के विकास में योगदान देना भी है। निःस्वार्थ भाव से बच्चों के भविष्य को संवारने का उनका प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है।

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