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ओपी चौधरी

छत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट 2026: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की बार रूम की घोषणा, GST सुविधाओं पर हुआ मंथन

by bholuchand news

दुर्ग। छत्तीसगढ़ टैक्स बार काउंसिल के तत्वावधान और दुर्ग टैक्स बार एसोसिएशन की मेजबानी में शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को दुर्ग में ‘छत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट 2026’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जीएसटी व्यवस्था में तकनीकी बदलाव, कर प्रणाली के सरलीकरण और करदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं के लिए बार रूम स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रमुखता से सामने आया, जिसे वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्वीकार करने की घोषणा की।

समिट में मुख्य अतिथि के रूप में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीसैट), प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. जस्टिस (सेवानिवृत्त) संजय कुमार मिश्रा शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत की। इसके अलावा जीसैट रायपुर बेंच के तकनीकी सदस्य सतीश कुमार अग्रवाल और वरिष्ठ अधिवक्ता एम.सी. जैन मंच पर उपस्थित रहे।

जीएसटी में तकनीकी बदलाव और कर प्रणाली के सरलीकरण पर चर्चा

कार्यक्रम में अतिथियों ने कर व्यवस्था में तकनीक की बढ़ती भूमिका और जीएसटी सुविधाओं में हुए बदलावों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ कर प्रक्रियाओं को अधिक सरल, सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

सम्मेलन में मौजूद कर सलाहकारों और अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए अतिथियों ने जीएसटी व्यवस्था में सुधार, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार और कर प्रशासन को बेहतर बनाने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। समिट का उद्देश्य कर क्षेत्र में तकनीकी विकास और व्यावहारिक चुनौतियों पर संवाद को बढ़ावा देना रहा।

विवेक सारस्वत ने रखे तीन प्रमुख सुझाव

छत्तीसगढ़ टैक्स बार काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष विवेक सारस्वत ने सम्मेलन के दौरान कर प्रशासन, अधिवक्ताओं की सुविधाओं और विधि शिक्षा में तकनीकी विषयों को शामिल करने से संबंधित कई सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें बार रूम की स्थापना, करदाताओं और कर अधिकारियों के बीच संवाद बढ़ाने तथा जीसैट की प्रक्रिया को तकनीक के माध्यम से आसान बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

अधिवक्ताओं के लिए बार रूम और ‘संवाद’ कार्यक्रम का प्रस्ताव

वित्त मंत्री ओपी चौधरी के समक्ष अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए बार रूम स्थापित करने की मांग रखी गई। इसके साथ ही करदाताओं और कर अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से ‘संवाद’ नाम से एडवाइजरी मीट आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया।

आयोजकों के अनुसार, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बार रूम की मांग को मंच से स्वीकार करने की घोषणा की। इस घोषणा का कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ताओं ने तालियों के साथ स्वागत किया।

जीसैट में एआई चैटबॉट शुरू करने का सुझाव

जीसैट के अध्यक्ष डॉ. जस्टिस (सेवानिवृत्त) संजय कुमार मिश्रा के समक्ष न्यायाधिकरण की प्रक्रियाओं को अधिक सहज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित चैटबॉट शुरू करने का सुझाव रखा गया।

इस पहल का उद्देश्य न्यायाधिकरण से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी को अधिक सुलभ बनाना और संबंधित लोगों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार करना है।

एलएलबी पाठ्यक्रम में जीएसटी और एआई शामिल करने की मांग

विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव के समक्ष एलएलबी पाठ्यक्रम में जीएसटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित विस्तृत विषय शामिल करने का सुझाव प्रस्तुत किया गया। इसके पीछे विधि के विद्यार्थियों को कर कानूनों और नई तकनीकों के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराने की आवश्यकता को प्रमुख आधार बताया गया।

आयोजकों के अनुसार, अतिथियों ने इन सुझावों का स्वागत किया और उन पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।

सरस्वती वंदना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

समिट का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन एससी लेखवानी ने किया। दुर्ग टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और प्रदेश महासचिव गोपाल कृष्ण तावनिया ने अतिथियों का स्वागत किया।

अतिथियों के संबोधन और सम्मान समारोह के बाद तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इसमें हैदराबाद से पहुंचे मुख्य वक्ता सीए विजय श्रीनिवास कोठापल्ली ने नवीनतम कर प्रावधानों और तकनीकी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित अधिवक्ताओं और कर सलाहकारों को विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ समिट का समापन

तकनीकी सत्र और अन्य कार्यक्रमों के समापन के बाद छत्तीसगढ़ टैक्स बार काउंसिल एवं दुर्ग टैक्स बार एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने आयोजन में सहयोग देने वाले अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रदेश महासचिव गोपाल कृष्ण तावनिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

छत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट 2026 में जीएसटी व्यवस्था, डिजिटल तकनीक, एआई के उपयोग और अधिवक्ताओं की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। बार रूम की मांग स्वीकार किए जाने की घोषणा कार्यक्रम के प्रमुख घटनाक्रमों में शामिल रही।

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