रायपुर। विशेष जरूरतों वाले बच्चों की देखभाल करना माता-पिता के लिए प्रेम, धैर्य और जिम्मेदारी से भरा सफर होता है। इस दौरान कई बार वे अपनी जरूरतों, इच्छाओं और मानसिक स्वास्थ्य को पीछे छोड़ देते हैं। ऐसे अभिभावकों को सहयोग देने और उनके जीवन में खुशियां लाने के उद्देश्य से रायपुर में जागरूक पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा अभिभावक सम्मेलन आयोजित किया गया। पॉल हैमलिन फाउंडेशन के सहयोग से संचालित इस पहल का उद्देश्य माता-पिता को एक साझा मंच उपलब्ध कराना, उनके अनुभवों का आदान-प्रदान बढ़ाना और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रोत्साहित करना है।
जागरूक पेरेंट्स एसोसिएशन बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए काम करने वाली संस्था है। संस्था की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत 350 से अधिक अभिभावकों के साथ व्यवस्थित रूप से काम किया जा रहा है।
50 से अधिक अभिभावकों ने साझा किए अनुभव
अभिभावक सम्मेलन में 50 से अधिक विशेष जरूरतों वाले बच्चों के माता-पिता ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अनुभवी अभिभावकों से बच्चों की देखभाल, उनकी जरूरतों को समझने और दैनिक जीवन की चुनौतियों से निपटने के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
अभिभावकों ने अपने अनुभव साझा किए और मनोरंजक गतिविधियों में भाग लेकर एक-दूसरे के साथ समय बिताया। सम्मेलन का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि माता-पिता के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करना भी था।
छह पेरेंट्स सपोर्ट ग्रुप को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में संस्था द्वारा परियोजना के अंतर्गत गठित छह पेरेंट्स सपोर्ट ग्रुप को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अभिभावकों के लिए आयोजित मनोरंजक खेलों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
इन सपोर्ट ग्रुप का उद्देश्य ऐसे माता-पिता को एक-दूसरे से जोड़ना है, जो समान परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। समूह के माध्यम से वे अपने अनुभव साझा कर सकते हैं, एक-दूसरे से सीख सकते हैं और जरूरत के समय भावनात्मक सहयोग प्राप्त कर सकते हैं।
बच्चों की देखभाल के साथ माता-पिता की सेहत भी जरूरी
जागरूक पेरेंट्स एसोसिएशन की इस पहल में अभिभावकों के स्वास्थ्य और आत्मदेखभाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच, खानपान प्रबंधन और खुद के लिए समय निकालने जैसी गतिविधियों के माध्यम से माता-पिता को जागरूक बनाने का प्रयास किया जाता है।
संस्था का मानना है कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों की देखभाल करते समय माता-पिता का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी महत्वपूर्ण है। उन्हें तनाव संभालने, अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों के लिए समय निकालने का अवसर मिलना चाहिए।
जगन्नाथ कोम्पेला ने बताया अभिभावकों की चुनौतियों का महत्व
कार्यक्रम में संस्था के उपाध्यक्ष श्री जगन्नाथ कोम्पेला ने मुख्य संबोधन दिया। उन्होंने बताया कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों की देखभाल करते हुए कई माता-पिता अपनी इच्छाओं और सपनों को पीछे छोड़ देते हैं। लगातार जिम्मेदारियों के कारण वे अपनी व्यक्तिगत खुशियों और स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते।
उन्होंने अभिभावकों के लिए आपसी सहयोग, संवाद और साझा मंच की उपयोगिता पर जोर दिया। ऐसे मंच माता-पिता को यह महसूस कराने में मदद करते हैं कि वे अपनी चुनौतियों में अकेले नहीं हैं।
डॉ. पटेल और उनकी पत्नी से लिया मार्गदर्शन
सम्मेलन में अभिभावकों ने डॉ. पटेल और उनकी पत्नी से विशेष जरूरतों वाले बच्चों की देखभाल में बरती जाने वाली सावधानियों और अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में सुझाव लिए।
डॉ. पटेल ने कहा कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों की देखभाल में सही समय पर उचित कदम उठाना और उनसे जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त करना बेहद महत्वपूर्ण है। जागरूकता और सही मार्गदर्शन से माता-पिता को बच्चों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने तथा देखभाल की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
डॉ. मीता मुखर्जी के प्रयासों को अभिभावक ने सराहा
कार्यक्रम में विशेष जरूरतों वाले बच्चे की मां सुश्री संगीता धुरंधर ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने जागरूक पेरेंट्स एसोसिएशन की संस्थापक डॉ. मीता मुखर्जी के प्रति आभार व्यक्त किया।
संगीता धुरंधर ने बताया कि डॉ. मुखर्जी के सहयोग और मार्गदर्शन से वे स्पेशल एजुकेटर बन सकीं और अब रायपुर में विशेष जरूरतों वाले बच्चों की सेवा कर रही हैं। उनका अनुभव इस बात को दर्शाता है कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर अभिभावक भी अपनी क्षमताओं को विकसित कर समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
सरकारी अधिकारियों ने भी सराहे सपोर्ट ग्रुप
संस्था के सचिव श्री राजकिशोर ने बताया कि जागरूक पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा शुरू किए गए पेरेंट्स सपोर्ट ग्रुप और उनकी गतिविधियों की एक सेमिनार में कई सरकारी अधिकारियों ने सराहना की थी।
संस्था का प्रयास है कि अभिभावकों को ऐसा सहयोगी वातावरण मिले, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकें, नई जानकारियां हासिल कर सकें और अपने जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठा सकें।
अभिभावकों के बेहतर जीवन की दिशा में सार्थक पहल
रायपुर में आयोजित यह सम्मेलन विशेष जरूरतों वाले बच्चों के परिवारों के लिए आपसी सहयोग, जानकारी और सकारात्मकता का मंच बना। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बच्चों की देखभाल के साथ माता-पिता की भावनाओं, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जरूरतों का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।
जागरूक पेरेंट्स एसोसिएशन और पॉल हैमलिन फाउंडेशन के सहयोग से चल रही यह पहल अभिभावकों को सशक्त बनाने और उनके जीवन में मुस्कान लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
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