Home » कैबिनेट मीटिंग में अहम फैसले: सरेंडर नक्सलियों के खिलाफ दर्ज केस खत्म करने की मिली मंजूरी…
कैबिनेट मीटिंग

कैबिनेट मीटिंग में अहम फैसले: सरेंडर नक्सलियों के खिलाफ दर्ज केस खत्म करने की मिली मंजूरी…

by Desk 1

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित बुधवार की कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने कई अहम नीतिगत निर्णय लिए। बैठक के बाद डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों को समाप्त करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया को मंजूरी दे दी गई है।

सरकार ने तय किया है कि सरेंडर नक्सलियों के मामलों की समीक्षा जिला स्तर से शुरू होगी। जिला समिति उनके आपराधिक रिकॉर्ड और व्यवहार का आकलन कर रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजेगी। इसके बाद विधि विभाग की राय लेकर केसों को मंत्रिपरिषद उपसमिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। जिन मामलों में केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक होगी, वहां केंद्र से अनुमोदन लिया जाएगा।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

1. आत्मसमर्पित नक्सलियों के केस वापसी की प्रणाली को स्वीकृति

मंत्रिपरिषद ने यह तय किया है कि नक्सली आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के तहत, राज्य सरकार उन सरेंडर नक्सलियों को राहत देगी जिन्होंने नक्सलवाद से दूरी बनाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का प्रयास किया है।
मामले वापस लेने के बाद न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

2. 14 अधिनियमों में सुधार के लिए जन विश्वास (द्वितीय) विधेयक 2025 को मंजूरी

राज्य सरकार ने 14 अलग-अलग कानूनों में संशोधन करने का निर्णय लिया है, ताकि छोटे उल्लंघनों के मामलों में त्वरित निपटारा हो सके। इससे न केवल अदालतों का बोझ कम होगा बल्कि व्यापारियों व आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी।
इससे पहले सरकार 163 प्रावधानों में बदलाव कर चुकी है। अब 116 और प्रावधानों को सरल बनाने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ इस विधेयक का दूसरा संस्करण लाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

3. 2025-26 के प्रथम अनुपूरक बजट को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी

कैबिनेट ने साल 2025-26 के प्रथम अनुपूरक अनुमान को पेश करने के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी। इसके आधार पर सरकार विधानसभा में बजट बढ़ोतरी के प्रस्ताव रखेगी।

 

You may also like