छत्तीसगढ़ सहित देशभर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर स्थित टोल प्लाजा को अब पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। National Highways Authority of India (NHAI) ने फैसला लिया है कि 1 अप्रैल 2026 से किसी भी टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद वाहन चालकों को टोल टैक्स केवल यूपीआई या फास्टैग के माध्यम से ही अदा करना होगा।
लंबी कतार और जाम से मिलेगी राहत
एनएचएआई का कहना है कि टोल प्लाजा पर कैश लेन की वजह से लगने वाली लंबी कतारें, समय की बर्बादी और जाम की समस्या को खत्म करने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। ऑनलाइन भुगतान से वाहनों को टोल प्लाजा पर ज्यादा देर तक रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी बल्कि पेट्रोल-डीजल की बचत के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी।
प्रदेश में कैश भुगतान पूरी तरह खत्म
छत्तीसगढ़ एनएचएआई के आरओ Pradeep Lal ने जानकारी दी कि प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल से कैश लेना पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और टोल भुगतान की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी।
चिल्हर की परेशानी होगी खत्म
अब तक टोल प्लाजा पर यूपीआई और फास्टैग के साथ-साथ कैश भुगतान की सुविधा थी। कैश देने के दौरान अक्सर चिल्हर नहीं होने की समस्या सामने आती थी, जिससे टोल बूथ पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी। कई बार इसी वजह से जाम की स्थिति भी बन जाती थी। कैश भुगतान खत्म होने के बाद यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और वाहन चालक बिना रुके डिजिटल भुगतान कर आगे बढ़ सकेंगे।
दोगुना टोल देने से मिलेगी राहत
वर्तमान व्यवस्था में जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होता और वे कैश से टोल चुकाते हैं, उन्हें कई बार दोगुना टोल देना पड़ता है। वहीं, डिजिटल माध्यम से भुगतान करने पर अतिरिक्त शुल्क का सामना भी करना पड़ता है। नई कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को अतिरिक्त राशि नहीं चुकानी पड़ेगी, जिससे जेब पर बोझ कम होगा।
विवाद और तनाव से भी छुटकारा
कैश भुगतान के दौरान दोगुना टोल वसूलने या चिल्हर को लेकर टोल कर्मियों और वाहन चालकों के बीच विवाद की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। कई बार इन विवादों के कारण टोल प्लाजा पर यातायात बाधित हो जाता था। पूरी तरह ऑनलाइन भुगतान शुरू होने के बाद इस तरह की स्थितियों पर भी विराम लगने की उम्मीद है।

