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NCTE का बड़ा फैसला

NCTE का बड़ा फैसला: एक साल का B.Ed कोर्स फिर शुरू, शिक्षक बनने वाले युवाओं के लिए बड़ी राहत

by Desk 1

NCTE का बड़ा फैसला: भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जिससे हजारों युवाओं को सीधा लाभ मिलने वाला है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने करीब दस साल बाद एक वर्षीय बैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed) कोर्स को दोबारा शुरू करने की घोषणा की है। यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है, जो शिक्षक बनना चाहते थे लेकिन दो साल के लंबे पाठ्यक्रम की वजह से पीछे रह जाते थे।

नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप फैसला

यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप लिया गया है, जिसमें लचीलापन, व्यावहारिकता और समय की बचत पर जोर दिया गया है। NCTE के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि बदली हुई परिस्थितियों में पुरानी व्यवस्था को नए स्वरूप में अपनाना ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है।

पहले क्या था, अब क्या बदला

साल 2014 से पहले तक देश में एक साल का B.Ed कोर्स संचालित होता था, जिसमें ग्रेजुएशन के बाद दाखिला मिलता था। बाद में इसे बढ़ाकर दो साल का कर दिया गया। लेकिन अनुभव से यह सामने आया कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके छात्रों के लिए दो साल की अवधि अनावश्यक रूप से लंबी साबित हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए अब फिर से एक वर्षीय B.Ed कोर्स को मंजूरी दी गई है।

कोर्स की अवधि और फीस

इस कोर्स की कुल अवधि 12 महीने तय की गई है।
फीस की बात करें तो यह लगभग 20 हजार से 30 हजार रुपये के बीच रहने की संभावना है, जो दो साल के B.Ed कोर्स की तुलना में काफी कम है। इससे मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

योग्यता और उम्र सीमा

एक वर्षीय B.Ed कोर्स के लिए निम्न योग्यताएं तय की गई हैं—

किसी भी विषय में चार साल की स्नातक डिग्री

या स्नातकोत्तर (Post Graduation) डिग्री

सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50% अंक

आरक्षित वर्ग को 5% की छूट (45% अंक)

इस कोर्स की खास बात यह है कि उम्र की कोई सीमा नहीं रखी गई है। यानी करियर बदलने की चाह रखने वाले लोग भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

दाखिले की प्रक्रिया

दाखिले के लिए उम्मीदवारों को संबंधित NCTE मान्यता प्राप्त संस्थान की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
कई संस्थानों में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें—

सामान्य ज्ञान

शिक्षण अभिरुचि

बाल मनोविज्ञान

विषय से जुड़े प्रश्न

पूछे जाएंगे।
कुछ कॉलेजों में मेरिट के आधार पर भी चयन किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करने की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

एक वर्षीय B.Ed कोर्स के प्रमुख फायदे

समय की बचत: 2 साल की जगह 1 साल में कोर्स पूरा

कम खर्च: कम फीस और कम अन्य खर्च

जल्दी नौकरी: प्रशिक्षण के तुरंत बाद शिक्षक भर्ती में आवेदन

करियर में तेजी: युवाओं को जल्दी स्थिरता

यह कोर्स खासतौर पर उन छात्रों के लिए फायदेमंद है जो कम समय में शिक्षक बनकर अपना करियर शुरू करना चाहते हैं।

कोर्स में क्या पढ़ाया जाएगा

इस पाठ्यक्रम में शामिल होंगे—

शिक्षा का दर्शन और इतिहास

बाल विकास और मनोविज्ञान

आधुनिक शिक्षण विधियां

डिजिटल और तकनीकी शिक्षा

स्कूल प्रबंधन और मूल्यांकन प्रणाली

साथ ही प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और स्कूल इंटर्नशिप को अनिवार्य बनाया गया है, ताकि छात्र वास्तविक कक्षा अनुभव हासिल कर सकें।

किन संस्थानों में मिलेगा दाखिला

यह कोर्स उन सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी संस्थानों में संचालित होगा, जिन्हें NCTE से मान्यता प्राप्त है। राज्यों के अनुसार संस्थानों की सूची जारी की जाएगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि दाखिले से पहले संस्थान की मान्यता और फैकल्टी की जानकारी जरूर जांच लें।

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