रायपुर, 26 अक्टूबर 2026। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन लेने के दौरान यदि किसी हितग्राही का फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक मशीन से मैच नहीं होता है, तो भी वह राशन से वंचित नहीं होगा। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में पात्र हितग्राहियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान है। नियमानुसार नॉमिनी यानी नामांकित व्यक्ति अथवा OTP आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से भी राशन प्राप्त किया जा सकता है।
खासकर बुजुर्गों और ऐसे लोगों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिनकी उंगलियों के निशान मशीन में ठीक से दर्ज नहीं हो पाते। ऐसे मामलों में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए पात्र हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने का मतलब राशन से वंचित होना नहीं
रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हितग्राहियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। यदि किसी पात्र व्यक्ति का फिंगरप्रिंट मशीन में मैच नहीं होता है, तो नियमानुसार अन्य माध्यमों से राशन प्राप्त करने की सुविधा मिल सकती है।
खाद्य विभाग के अनुसार, केवल बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी आने के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को राशन नहीं मिल सकता। विभाग ने आम लोगों से इस संबंध में अधूरी या भ्रामक जानकारी के आधार पर भ्रमित नहीं होने की अपील की है।
नॉमिनी या OTP से भी राशन लेने की सुविधा
खाद्य विभाग ने बताया कि फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) के माध्यम से या OTP आधारित प्रमाणीकरण से राशन प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि, यह सुविधा संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध होगी।
इस व्यवस्था से उन हितग्राहियों को राहत मिल सकती है, जिन्हें उम्र या अन्य कारणों से बायोमेट्रिक मशीन पर पहचान सत्यापित कराने में कठिनाई होती है।
बुजुर्गों और पात्र हितग्राहियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य पात्र परिवारों तक निर्धारित खाद्यान्न पहुंचाना है। ऐसे में प्रमाणीकरण के दौरान आने वाली तकनीकी परेशानी के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति नहीं बननी चाहिए। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने मात्र से पात्र हितग्राही को राशन मिलने की संभावना समाप्त नहीं होती।
यदि राशन दुकान पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में समस्या आती है, तो हितग्राही वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में उचित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राशन लेने का प्रयास कर सकते हैं।
खाद्य विभाग की इस जानकारी का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी का सामना करने वाले लोगों को जागरूक करना है, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही केवल फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की वजह से राशन की सुविधा से वंचित होने की आशंका में न रहे।
ये भी पढ़े...Jio Platforms IPO Allotment Status: आज ऐसे चेक करें शेयरों का रिजल्ट, जानें रिफंड और लिस्टिंग की तारीख
और अधिक जानकारी हेतु पढ़ते रहें....भोलूचंद.कॉम
