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बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक और संवेदनशील पालन-पोषण जरूरी : डॉ. सत्यजीत साहू

PURE के Parenting Training Program में अभिभावकों ने लिया हिस्सा, सकारात्मक संवाद और भावनात्मक सुरक्षा पर हुई चर्चा

by bholuchand news

रायपुर, 19 सितंबर 2026। बच्चों के व्यक्तित्व विकास, भावनात्मक सुरक्षा और पारिवारिक संबंधों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से Progressive Utilization of Research & Economics (PURE) द्वारा महाराणा प्रताप स्कूल, भाटागांव, रायपुर में Parenting Training Program का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के अभिभावकों के साथ विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सत्यजीत साहू, MD, Goodwill Hospital, Raipur ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों का विकास केवल उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों से निर्धारित नहीं होता, बल्कि उनके साथ बने भावनात्मक संबंध, संवाद, विश्वास और पारिवारिक वातावरण की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में माता-पिता के सामने बच्चों को अनुशासित करने के साथ-साथ उनकी भावनाओं, जिज्ञासाओं और स्वतंत्र सोच को समझने की चुनौती भी है। ऐसे में अभिभावकों का संवेदनशील और सकारात्मक रवैया बच्चों के आत्मविश्वास तथा व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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सकारात्मक पालन-पोषण और प्रभावी संवाद पर जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सकारात्मक पालन-पोषण, बच्चों को सुनना और समझना, प्रभावी संवाद, भावनात्मक सुरक्षा, अनुशासन तथा माता-पिता और बच्चों के बीच स्वस्थ संबंध जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक गतिविधियों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया गया कि माता-पिता का व्यवहार बच्चों के आत्मविश्वास, सोच और व्यक्तित्व निर्माण को किस प्रकार प्रभावित करता है। कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बच्चों की समस्याओं और भावनाओं को समझने के लिए अभिभावकों को उनके साथ संवाद का सकारात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए।

परिवार से शुरू होता है सामाजिक बदलाव : स्वाति देवांगन

कार्यक्रम का संचालन PURE की अध्यक्ष श्रीमती स्वाति देवांगन ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य और PURE की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत परिवार से होती है। उन्होंने कहा कि जागरूक और संवेदनशील अभिभावक बच्चों के बेहतर भविष्य के साथ-साथ सकारात्मक सामाजिक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आयोजन में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम के आयोजन में कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट संतोष ठाकुर, श्री सुनील शर्मा, श्री सूरज दुबे एवं डॉ. संगीता कौशिक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में स्कूल के अभिभावकों के साथ आचार्य रितेश्वरानंद अवधूत, के. पी. सिंह, कमलेश चंद्र, होनेशा ठाकुर, संस्कृति सिंह, जिज्ञासा साहू, श्रेया ठाकुर एवं गुलशन मानसरोवर सहित अन्य प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

स्कूल और अभिभावकों के बीच संवाद जरूरी : भारती ठाकुर

कार्यक्रम के अंत में महाराणा प्रताप स्कूल की प्राचार्य श्रीमती भारती ठाकुर ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने PURE एवं डॉ. सत्यजीत साहू का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल और अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद एवं सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके भावनात्मक और सामाजिक विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए विद्यालय और परिवार दोनों की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का समापन बच्चों के लिए अधिक संवेदनशील, संवादपूर्ण और सहयोगी पारिवारिक वातावरण विकसित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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