रायपुर/जयपुर, 19 सितंबर 2026। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर 15 से 17 सितंबर 2026 तक जयपुर में आयोजित भारतीय युवा संसद के 31वें राष्ट्रीय अधिवेशन में छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। देश के 24 राज्यों से करीब 400 युवाओं की सहभागिता वाले इस अधिवेशन का विषय “Achieving Gender Equality, Action by Action” रहा। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के चार विद्यार्थियों—अर्पित जकर्याह, प्रणय सिंह राजपूत, विप्रांशी पाठक एवं स्वस्तिका राठौर—ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल एवं सभी शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के लिए यह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा, विचार और अभिव्यक्ति को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।

राष्ट्रीय मंच पर समसामयिक मुद्दों पर रखे विचार
भारतीय युवा संसद के दौरान छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिनिधियों ने BRICS, De-dollarization, महिला सशक्तिकरण, अर्थव्यवस्था, लोकतंत्र और युवा भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर अपने विचार रखे। इस दौरान सदन में विभिन्न संदर्भों में छत्तीसगढ़ का उल्लेख कई बार हुआ। इससे राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के युवाओं की सक्रिय भागीदारी और उनकी विचार क्षमता सामने आई। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर युवाओं ने न केवल समसामयिक विषयों पर अपनी बात रखी, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद और सार्वजनिक विमर्श में भी सहभागिता की।
विचारों के साथ संस्कृति की भी मजबूत उपस्थिति
अधिवेशन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान भी प्रभावी ढंग से सामने आई। विप्रांशी पाठक और स्वस्तिका राठौर ने कर्मा नृत्य की प्रस्तुति देकर प्रदेश की लोकपरंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों के बीच कर्मा नृत्य की प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति राष्ट्रीय मंच तक पहुंची। इस प्रकार एक ओर प्रदेश के युवाओं ने राष्ट्रीय एवं वैश्विक विषयों पर अपने विचार रखे, वहीं दूसरी ओर कर्मा नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान भी सामने आई।
सदन में कई बार हुआ छत्तीसगढ़ का उल्लेख
भारतीय युवा संसद के दौरान छत्तीसगढ़ से पहुंचे प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता के चलते सदन में प्रदेश का नाम कई अवसरों पर सामने आया। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर प्रदेश के युवाओं को अपनी बात रखने और विभिन्न राज्यों से आए युवाओं के साथ संवाद करने का अवसर मिला। इससे छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभा को व्यापक मंच पर अपनी पहचान प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ।
संविधान की पुस्तक लेकर लौटे युवा प्रतिनिधि
भारतीय युवा संसद में सहभागिता के बाद छत्तीसगढ़ से गए विद्यार्थी भारतीय संविधान की पुस्तक लेकर लौट रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए संविधान की यह पुस्तक लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने तथा उन्हें जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में सहभागिता के बाद संविधान की पुस्तक के साथ लौटना विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा, जो उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के प्रति और अधिक जागरूक करने में सहायक होगा।
विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय मंच तक पहुंची प्रतिभा
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की इस सहभागिता में कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल के मार्गदर्शन और विश्वविद्यालय के शिक्षकों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने विचार-विमर्श, सार्वजनिक संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। विश्वविद्यालय के लिए भी यह सहभागिता महत्वपूर्ण रही, क्योंकि पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के संवाद, सार्वजनिक मंच, विचार अभिव्यक्ति और मीडिया कवरेज का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
छत्तीसगढ़ में भी हों ऐसे राष्ट्रीय आयोजन
जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन के अनुभव के बाद छत्तीसगढ़ के युवाओं की ओर से प्रदेश में भी ऐसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की मेजबानी किए जाने की अपेक्षा सामने आई है। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से अपील की गई है कि प्रदेश में भी भारतीय युवा संसद जैसे राष्ट्रीय युवा संवाद, लोकतांत्रिक विमर्श एवं सांस्कृतिक आयोजनों की मेजबानी की दिशा में पहल की जाए। ऐसे आयोजनों से देशभर के युवाओं को छत्तीसगढ़ आने और यहां के युवाओं के साथ संवाद करने का अवसर मिलेगा। साथ ही प्रदेश की लोककला, संस्कृति, परंपरा और युवा प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए भी बड़ा मंच तैयार हो सकता है।
राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभा की मौजूदगी
अधिवेशन में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवीन्द्र गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं राष्ट्रीय स्तर के वक्ता उपस्थित रहे। ऐसे राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के युवाओं की सक्रिय सहभागिता, सदन में प्रदेश का उल्लेख और कर्मा नृत्य की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने प्रदेश की युवा प्रतिभा और सांस्कृतिक पहचान को सामने रखा।
मीडिया एवं क्रिएटिव कवरेज में भी छत्तीसगढ़ की भागीदारी
कार्यक्रम की मीडिया एवं क्रिएटिव कवरेज में Creative Film Club के प्रवीण देवांगन एवं अमित तिवारी की भूमिका रही। कार्यक्रम से संबंधित कवरेज विश्वविद्यालय की अनुमति एवं समन्वय के साथ किया गया। भारतीय युवा संसद का यह राष्ट्रीय अधिवेशन छत्तीसगढ़ के लिए युवा प्रतिभा, विचार, संविधान और संस्कृति को एक साथ राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर बना कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों की यह सहभागिता प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी रही
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