रायपुर। राजधानी रायपुर में गणेशोत्सव की धूम के बीच साम्राज्य रेसीडेंसी में इस वर्ष भगवान गणेश का अनोखा और आकर्षक स्वरूप स्थापित किया गया है। यहां प्रथम पूज्य भगवान गणेश हाथी के साक्षात स्वरूप में साधु-संत के रूप में विराजमान हैं। बप्पा के इस विशेष स्वरूप को देखने के लिए कॉलोनीवासियों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आमतौर पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं पारंपरिक एवं कलात्मक स्वरूप में देखने को मिलती हैं, लेकिन साम्राज्य रेसीडेंसी में स्थापित प्रतिमा को इस तरह तैयार किया गया है कि यह बिल्कुल जीवंत हाथी के स्वरूप जैसी प्रतीत होती है। विशाल मस्तक, लंबी सूंड, बड़े कान और शांत एवं करुणामयी आंखें बप्पा के स्वरूप को विशेष आकर्षण प्रदान करती हैं।भगवा संत-वस्त्र धारण किए ध्यान मुद्रा में विराजमान गजानन के माथे पर चंदन का त्रिपुंड और हाथ पर बना पवित्र ‘ॐ’ उनके आध्यात्मिक स्वरूप को और भी प्रभावशाली बनाता है। बप्पा के इस स्वरूप को देखकर श्रद्धालु इसे भगवान गणेश के आदि एवं वास्तविक स्वरूप की अनुभूति से जोड़ रहे हैं।

रायपुर की साम्राज्य रेसीडेंसी में भगवान गणेश हाथी के साक्षात स्वरूप में विराजमान हैं। भव्य पंडाल, महाआरती और भजन-कीर्तन बना आकर्षण।
फूलों और रोशनी से सजा आकर्षक पंडाल
गणपति बप्पा के विराजमान स्थल को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और पारंपरिक सजावट से भव्य रूप दिया गया है। शाम होते ही विद्युत सज्जा के बीच पंडाल की खूबसूरती देखते ही बनती है। श्रद्धालु बप्पा के दर्शन के साथ पंडाल की सजावट का भी आनंद ले रहे हैं।
भक्तों को बप्पा के विशेष स्वरूप के दर्शन कराने का प्रयास
गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष कुछ अलग और विशेष करने का विचार था। समिति का उद्देश्य भक्तों को भगवान गणेश के आदि और वास्तविक स्वरूप की अनुभूति कराना था। इसी सोच के साथ हाथी के स्वरूप में बप्पा की स्थापना की गई।
समिति के सदस्यों का कहना है कि भगवान गणेश का यह स्वरूप बुद्धि के साथ-साथ विशाल हृदय, धैर्य और शांत चित्त का संदेश देता है।
सुबह-शाम महाआरती, रात्रि में भजन-कीर्तन
गणेशोत्सव के दौरान साम्राज्य रेसीडेंसी में प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह 9 बजे और शाम 8 बजे महाआरती हो रही है। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का वितरण किया जाता है। वहीं रात्रि में भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है।
गणेश उत्सव समिति ने रायपुर के धर्मप्रेमी नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं पत्रकार बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर बप्पा के इस विशेष स्वरूप के दर्शन करने की अपील की है।
समिति के सदस्यों ने साझा किए अनुभव
राहुल ने कहा कि बप्पा का यह हाथी-स्वरूप बेहद दिव्य है। समिति का प्रयास है कि यहां आने वाले हर भक्त को बप्पा के साक्षात दर्शन जैसा अनुभव हो।
दर्शील ने कहा कि इस बार कुछ अलग करने की सोच थी। बप्पा का हाथी स्वरूप देखकर आयोजन के लिए की गई मेहनत सफल लग रही है।
प्रिया गुप्ता ने कहा कि गणपति बप्पा के इस स्वरूप में शांति और शक्ति दोनों का अनुभव होता है। सभी कॉलोनीवासियों ने आयोजन में दिल से सहयोग किया है।
ज्योति अग्रवाल ने बताया कि बप्पा के दरबार में आकर मन को बहुत शांति मिल रही है। उनका यह स्वरूप बेहद आकर्षक है।
सोनल ने कहा कि पंडाल की सजावट और बप्पा का भगवा स्वरूप देखकर बहुत आनंद आ रहा है। कॉलोनी की महिलाएं भी उत्साह के साथ आयोजन से जुड़ी हैं।
भाविन के मुताबिक, यह सिर्फ मूर्ति नहीं बल्कि साक्षात गजानन की अनुभूति है। समिति चाहती है कि पूरे रायपुर से लोग यहां दर्शन के लिए आएं।
ऋषि ने कहा कि बचपन से गणेश उत्सव देखते आ रहे हैं, लेकिन ऐसा जीवंत स्वरूप पहली बार देखने को मिला है।
शौर्य मिश्रा ने कहा कि बप्पा सबके विघ्न हरते हैं और इस आयोजन में सेवा करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है।
शिवम ने बताया कि सभी दोस्तों ने मिलकर बप्पा के इस विशेष स्वरूप को स्थापित करने में सहयोग किया है। उनका प्रयास भगवान गणेश के वास्तविक हाथी स्वरूप को लोगों तक पहुंचाना है।
निखिल ने कहा कि बप्पा हाथी के स्वरूप में साधु-संत के रूप में विराजमान हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से यहां पहुंचकर बप्पा के दर्शन और आशीर्वाद लेने की अपील की।
भक्तों के लिए आकर्षण बना गणपति का अनोखा स्वरूप
साम्राज्य रेसीडेंसी में स्थापित गणपति बप्पा का यह विशेष स्वरूप गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भव्य सजावट, रोशनी और धार्मिक आयोजनों के बीच यहां भक्तिमय वातावरण देखने को मिल रहा है।
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