राजधानी रायपुर में चाइनीज मांझे से हो रही दुर्घटनाओं के बीच नगर निगम प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। नगर निगम के जोन 1 और जोन 5 की टीम ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के साथ मिलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में पतंग दुकानों की अचानक जांच की। इस दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिलने पर तत्काल जब्ती की गई और दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया।
लाखेनगर की घटना से मचा हड़कंप
यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जिसमें लाखेनगर क्षेत्र में रविवार शाम एक महिला चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। महिला मंदिर जा रही थी, तभी हवा में उड़ता हुआ मांझा उनके चेहरे में फंस गया। मांझा हटाने के दौरान होंठ और अंगूठे में गहरे कट आ गए। स्थानीय लोगों ने महिला को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
गुढ़ियारी में दुकानों पर जुर्माना
घटना के बाद सोमवार को निगम प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने गुढ़ियारी इलाके में प्रयास हॉस्टल के पास स्थित दो पतंग दुकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद किया गया। वार्ड पार्षद सोहन साहू और जोन 1 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमराज देवांगन की मौजूदगी में दोनों दुकानदारों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और सख्त चेतावनी दी गई।
आमापारा क्षेत्र में भी कार्रवाई
नगर निगम जोन 5 के अंतर्गत घासीदास प्लाजा और आमापारा मार्ग पर सड़क किनारे लगी पतंग दुकानों की भी जांच की गई। यहां भी प्रतिबंधित मांझा मिलने पर जब्त किया गया। इसके साथ ही सड़क पर अवैध रूप से लगी दुकानों को हटाया गया और दुकानदारों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। नगर निगम अधिकारियों ने सभी पतंग दुकानदारों को चेताया है कि यदि शहर में कहीं भी चाइनीज मांझा पाया गया, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

