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रायपुर के श्री बालाजी डेंटल कॉलेज में एंटी-रैगिंग जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को दी गई कानूनी जानकारी

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले और DCP दीपमाला कश्यप ने विद्यार्थियों को किया जागरूक, रैगिंग और नशे से दूर रहने का दिया संदेश।

by bholuchand news

रायपुर, 28 अक्टूबर 2026। विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, अनुशासित और रैगिंग मुक्त शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज, रायपुर में एंटी-रैगिंग जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों, इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों और नशे की लत से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले उपस्थित रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस उपायुक्त, नॉर्थ जोन, दीपमाला कश्यप ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। व्याख्यान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, आपसी सम्मान और जिम्मेदार व्यवहार की भावना विकसित करना था।

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रैगिंग से विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर

मुख्य अतिथि अमित तुकाराम कांबले ने अपने संबोधन में कहा कि रैगिंग किसी भी विद्यार्थी के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और शैक्षणिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन बनाए रखने, एक-दूसरे का सम्मान करने और सकारात्मक व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नशीले पदार्थों और अन्य प्रकार के व्यसनों के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार और जिम्मेदार व्यवहार भी महत्वपूर्ण हैं।

DCP दीपमाला कश्यप ने बताए रैगिंग से जुड़े कानूनी प्रावधान

विशिष्ट अतिथि पुलिस उपायुक्त दीपमाला कश्यप ने विद्यार्थियों को रैगिंग से संबंधित कानूनी प्रावधानों और संभावित दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न मामलों के उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि रैगिंग को हल्के में नहीं लेना चाहिए और इस तरह की गतिविधियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कानून का पालन करने और किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना सामने आने पर संस्थान के संबंधित अधिकारियों या उचित माध्यम से शिकायत करने की अपील की। उन्होंने सुरक्षित परिसर के निर्माण में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।

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प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए हुआ आयोजन

यह जागरूकता व्याख्यान मुख्य रूप से बीडीएस प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में उन्हें बताया गया कि कॉलेज परिसर में स्वस्थ और सहयोगात्मक वातावरण बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे नए सहपाठियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें, किसी भी प्रकार के दबाव या उत्पीड़न से बचें और जरूरत पड़ने पर प्रभावित विद्यार्थियों की सहायता के लिए आगे आएं।

डॉ. राम तिवारी ने समझाए रैगिंग के सामाजिक और शैक्षणिक दुष्परिणाम

कार्यक्रम में पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राम तिवारी ने रैगिंग के सामाजिक, मानसिक और शैक्षणिक दुष्परिणामों पर विस्तृत व्याख्यान दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि रैगिंग से शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो सकता है और विद्यार्थियों के बीच भय, तनाव तथा असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। उन्होंने एक स्वस्थ, सुरक्षित और सहयोगात्मक परिसर बनाने में प्रत्येक विद्यार्थी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

महाविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में महाविद्यालय के निदेशक सीए  नितिन पटेल, डॉ. बीरेंद्र पटेल, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विष्णु दत्त, एकेडमिक डीन डॉ. माणिक चटर्जी, डेंटल कॉलेज के डीन डॉ. अनिल घोम और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन पेडोडॉन्टिक्स एंड प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रितुराज केसरी ने किया। अंत में प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक लाठ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और अतिथियों सहित सभी उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रैगिंग मुक्त परिसर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज की यह पहल विद्यार्थियों में जागरूकता, अनुशासन, पारस्परिक सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसा सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण स्थापित करना है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी बिना किसी भय या दबाव के अपनी शिक्षा प्राप्त कर सके। रैगिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाकर और शिकायत करने के उचित माध्यमों की जानकारी देकर संस्थान ने रैगिंग मुक्त परिसर बनाने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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