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रायपुर में बालको मेडिकल सेंटर का बड़ा विस्तार, 205 बेड का नया अस्पताल बनेगा; छत्तीसगढ़ में पहली बार शुरू हुई TBI तकनीक

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की उपस्थिति में फेज-2 विस्तार का भूमिपूजन, अस्पताल की क्षमता 170 से बढ़कर 375 बेड होगी; स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के मरीजों के लिए उन्नत रेडिएशन उपचार की सुविधा शुरू।

by bholuchand news

रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नया रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर (BMC) में फेज-2 विस्तार परियोजना का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में उन्नत रेडिएशन तकनीक टोटल बॉडी इर्रेडिएशन (TBI) की शुरुआत भी की गई। संस्थान के अनुसार, छत्तीसगढ़ में यह तकनीक पहली बार शुरू की गई है।

वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन (VMRF) की इकाई बालको मेडिकल सेंटर के इस विस्तार के तहत 205 अतिरिक्त बेड वाला कैंसर एवं मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल विकसित करने की योजना है। वर्तमान में अस्पताल में 170 बेड हैं। विस्तार पूरा होने के बाद अस्पताल की प्रस्तावित कुल क्षमता 375 बेड हो जाएगी।

इस परियोजना से कैंसर उपचार के साथ-साथ कई अन्य विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का भी विस्तार होगा। वहीं, TBI तकनीक की शुरुआत से स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले पात्र मरीजों के उपचार विकल्पों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

205 बेड के नए अस्पताल में मिलेंगी कई विशेषज्ञ सेवाएं

बालको मेडिकल सेंटर की फेज-2 विस्तार परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में उन्नत और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है। प्रस्तावित अस्पताल में कैंसर उपचार के अलावा कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

इन सुविधाओं के विस्तार से जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को एक ही संस्थान में विभिन्न विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। इससे मरीजों के उपचार में समन्वय बेहतर करने और मध्य भारत में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

मरीजों और परिजनों के लिए 300 बेड की आवासीय सुविधा

फेज-2 विस्तार योजना में नर्सिंग हॉस्टल के साथ मरीजों और उनके परिजनों के लिए 300 बेड की प्रस्तावित आवासीय सुविधा भी शामिल है।

दूर-दराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए नया रायपुर आने वाले मरीजों और उनके परिवारों को उपचार की पूरी अवधि के दौरान अस्पताल के नजदीक रहने की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में यह आवासीय सुविधा उनके लिए उपयोगी हो सकती है। इससे मरीजों के परिजनों को ठहरने की व्यवस्था करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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ओ.पी. चौधरी बोले—गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं विकास के लिए महत्वपूर्ण

भूमिपूजन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार निवेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि बालको मेडिकल सेंटर का फेज-2 विस्तार इसी प्रयास के अनुरूप है। इससे मध्य भारत में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और उन्नत उपचार सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय क्षमताएं विकसित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी पहल से राज्य के लोगों को इलाज और प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम होगी। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए उन्होंने वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन को बधाई दी।

VMRF की चेयरपर्सन ज्योति अग्रवाल ने क्या कहा?

वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की चेयरपर्सन ज्योति अग्रवाल ने कहा कि संस्था की स्थापना आठ वर्ष पहले इस उद्देश्य के साथ की गई थी कि किसी भी व्यक्ति को उसके निवास स्थान या आर्थिक स्थिति के कारण गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहना पड़े।

उन्होंने कहा कि यही दृष्टिकोण बालको मेडिकल सेंटर के कामकाज का आधार रहा है। फेज-2 विस्तार इस यात्रा का अगला महत्वपूर्ण कदम है। अस्पताल की क्षमताएं बढ़ने के साथ यह जिम्मेदारी भी बढ़ती है कि नई विशेषज्ञताओं और तकनीकी प्रगति का लाभ उन मरीजों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

उन्होंने वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के सहयोग के लिए आभार जताया। साथ ही, डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के सभी कर्मचारियों के समर्पण को संस्थान की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया।

छत्तीसगढ़ में पहली बार शुरू हुई टोटल बॉडी इर्रेडिएशन तकनीक

बालको मेडिकल सेंटर ने अपने ट्रूबिम (TrueBeam) लीनियर एक्सीलरेटर के माध्यम से एक्सटेंडेड सोर्स-टू-स्किन डिस्टेंस (SSD) आधारित टोटल बॉडी इर्रेडिएशन (TBI) तकनीक शुरू की है।

TBI रेडिएशन थेरेपी का एक विशेष प्रकार है, जिसमें निर्धारित उपचार योजना के अनुसार मरीज के पूरे शरीर को रेडिएशन दिया जाता है। इसका उपयोग कुछ पात्र मरीजों को स्टेम सेल ट्रांसप्लांट से पहले तैयार करने के लिए किया जा सकता है।

कुछ रक्त कैंसर और रक्त संबंधी गैर-कैंसर रोगों, जैसे सिकल सेल रोग और थैलेसीमिया, के चुनिंदा मामलों में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट उपचार का हिस्सा हो सकता है। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय आकलन के बाद TBI को उपचार योजना में शामिल किया जा सकता है।

रक्त कैंसर के कुछ मरीजों में यह तकनीक शरीर के विभिन्न हिस्सों में मौजूद कैंसर कोशिकाओं को लक्षित करने में मदद कर सकती है। हालांकि, TBI प्रत्येक मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसका इस्तेमाल मरीज की बीमारी, स्वास्थ्य स्थिति और ट्रांसप्लांट योजना के आधार पर विशेषज्ञों की टीम तय करती है।

पांच बेड वाली बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट को मिलेगी मजबूती

VMRF की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने कहा कि व्यापक कैंसर देखभाल के लिए चिकित्सकीय विशेषज्ञता, आधुनिक बुनियादी ढांचे और उन्नत तकनीक का समन्वय आवश्यक है। किसी एक विशेषज्ञ या तकनीक के आधार पर संपूर्ण उपचार संभव नहीं है, बल्कि मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ पूरी टीम को मिलकर काम करना होता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिकल सेल रोग से कई परिवार प्रभावित हैं। ऐसे में पात्र मरीजों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट महत्वपूर्ण उपचार विकल्प हो सकता है। TBI की शुरुआत से बालको मेडिकल सेंटर की पांच बेड वाली बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट की क्षमताएं मजबूत होंगी।

संस्थान के अनुसार, यह यूनिट राज्य में अपनी तरह की सबसे बड़ी इकाई है। हालांकि, बोन मैरो या स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की आवश्यकता और उपचार की उपयुक्तता प्रत्येक मरीज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा अलग-अलग तय की जाती है।

सटीक रेडिएशन डोज और महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा पर जोर

VMRF के सीनियर रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अभिनव इंगले ने बताया कि TBI उपचार में सटीक योजना बनाना जरूरी है, ताकि पूरे शरीर में निर्धारित रेडिएशन डोज पहुंचाई जा सके और महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षित रखने के उपाय किए जा सकें।

उन्होंने बताया कि बालको मेडिकल सेंटर में विशेष उपचार व्यवस्था, पोर्टल आधारित सत्यापन और फेफड़ों पर रेडिएशन के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए तैयार किए गए लंग शील्ड्स का उपयोग किया जाता है।

इसके अलावा, ऑनलाइन रियल-टाइम इन-विवो डोसीमेट्री के माध्यम से उपचार के दौरान दी जा रही रेडिएशन खुराक की निगरानी की जाती है। उपचार योजना को ट्रांसप्लांट टीम के साथ समन्वय में तैयार किया जाता है, ताकि उपचार की सटीकता और सुरक्षा पर ध्यान दिया जा सके।

क्या है बालको मेडिकल सेंटर?

बालको मेडिकल सेंटर, वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन (VMRF) की प्रमुख इकाई है। VMRF एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसकी स्थापना वेदांता रिसोर्सेज और भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) द्वारा की गई है।

नया रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर वर्तमान में 170 बेड वाला तृतीयक कैंसर उपचार केंद्र है। यहां मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और पैलिएटिव केयर सहित कैंसर उपचार एवं संबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं।

संस्थान द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अब तक यहां पांच लाख से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज की जा चुकी हैं और 75 हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। संस्थान को LEED, NABH, FSSAI, NABL, नर्सिंग एक्सीलेंस और CAHO सहित विभिन्न प्रमाणन एवं मान्यताएं प्राप्त हैं।

बालको मेडिकल सेंटर का प्रस्तावित फेज-2 विस्तार और TBI तकनीक की शुरुआत छत्तीसगढ़ में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। परियोजना के पूरा होने पर अस्पताल की क्षमता और विशेषज्ञ सेवाओं के दायरे में विस्तार होने की उम्मीद है।

 

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