Home Featureरायपुर में 90 वर्षीय महिला का जटिल महाधमनी एन्यूरिज्म का सफल उपचार
एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल रायपुर में 90 वर्षीय महिला का जटिल महाधमनी एन्यूरिज्म EVAR तकनीक से सफल उपचार।

रायपुर में 90 वर्षीय महिला का जटिल महाधमनी एन्यूरिज्म का सफल उपचार

छत्तीसगढ़ में पहली बार EVAR तकनीक से मिली नई जिंदगी - 90 वर्षीय महिला का जटिल महाधमनी एन्यूरिज्म का सफल उपचार,

by Bholuchand News

रायपुर : छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर ने 90 वर्षीय महिला के जटिल महाधमनी (एओर्टिक) एन्यूरिज्म का सफलतापूर्वक उपचार एंडोवैस्कुलर एओर्टिक एन्यूरिज्म रिपेयर (EVAR) तकनीक से किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, 90 वर्ष या उससे अधिक आयु के मरीज पर इस प्रकार की सफल प्रक्रिया राज्य में पहली बार की गई है।

यह उपलब्धि केवल आधुनिक चिकित्सा तकनीक की सफलता नहीं, बल्कि अनुभवी विशेषज्ञों की टीमवर्क, सटीक योजना और अत्याधुनिक उपचार प्रणाली का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।

पेट दर्द की शिकायत से खुला गंभीर बीमारी का राज

90 वर्षीय महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल की ओपीडी पहुंची थीं। जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि उनकी महाधमनी (Aorta) के निचले हिस्से में लगभग 64 मिमी का बड़ा एओर्टिक एन्यूरिज्म विकसित हो चुका था। एन्यूरिज्म के भीतर रक्त का थक्का भी मौजूद था, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई थी।

विशेषज्ञों ने बताया कि यह एन्यूरिज्म कभी भी फट सकता था और ऐसी स्थिति में मरीज की जान बचने की संभावना लगभग समाप्त हो जाती।

एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल रायपुर में 90 वर्षीय महिला का जटिल महाधमनी एन्यूरिज्म EVAR तकनीक से सफल उपचार।

एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल रायपुर में 90 वर्षीय महिला का जटिल महाधमनी एन्यूरिज्म EVAR तकनीक से सफल उपचार।

कई कारणों से बेहद चुनौतीपूर्ण था मामला

इस केस को सामान्य सर्जरी की तुलना में कहीं अधिक जटिल माना गया। मरीज की रक्तवाहिनी अत्यधिक घुमावदार थी, जबकि किडनी और आंतों तक रक्त पहुंचाने वाली प्रमुख धमनियां एन्यूरिज्म के बेहद निकट स्थित थीं।

इसके अलावा मरीज की उम्र 90 वर्ष होने के साथ-साथ उन्हें पहले से हृदय संबंधी समस्याएं भी थीं। ऐसे में पारंपरिक ओपन सर्जरी करना अत्यधिक जोखिमपूर्ण था। सभी पहलुओं का मूल्यांकन करने के बाद विशेषज्ञों ने न्यूनतम चीरा लगाने वाली EVAR (Endovascular Aortic Aneurysm Repair) तकनीक को सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प माना।

विशेष तकनीक से बचाई गई मरीज की जान

26 जून 2026 को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अत्याधुनिक “रिवर्स स्लाइडिंग तकनीक” तथा 168 मिमी के बड़े एंडोवैस्कुलर स्टेंट ग्राफ्ट का उपयोग करते हुए यह जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की।

पूरे ऑपरेशन का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा यह था कि एन्यूरिज्म को पूरी तरह सुरक्षित किया जाए, लेकिन किडनी और आंतों तक रक्त प्रवाह किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। विशेषज्ञ टीम ने सटीक योजना और आधुनिक तकनीक की सहायता से इस चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया।

डॉ. सुमंता शेखर पाढ़ी ने बताया क्यों था यह केस खास

इस जटिल प्रक्रिया का नेतृत्व करने वाले डॉ. सुमंता शेखर पाढ़ी, वरिष्ठ सलाहकार (हृदय रोग) एवं क्लीनिकल लीड, एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर ने बताया कि—

“90 वर्ष की आयु, रक्तवाहिनी की जटिल संरचना और एन्यूरिज्म की स्थिति को देखते हुए यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण मामला था। हमारी प्राथमिकता केवल एन्यूरिज्म का सफल उपचार नहीं, बल्कि किडनी एवं आंतों तक रक्त प्रवाह को पूरी तरह सुरक्षित बनाए रखना भी था। विशेषज्ञ टीम के सामूहिक प्रयासों से यह सफलता संभव हो सकी।”

विशेषज्ञ टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

इस जटिल सर्जरी में कई विशेषज्ञ चिकित्सकों ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

डॉ. मोहम्मद वसीम खान, कंसल्टेंट कार्डियोवैस्कुलर सर्जन ने बड़े आकार के स्टेंट ग्राफ्ट को सुरक्षित रूप से रक्तवाहिनी तक पहुंचाने और प्रक्रिया पूरी होने के बाद रक्तस्राव रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

वहीं मरीज को पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षित रखने के लिए जनरल एनेस्थीसिया दिया गया, जिसकी जिम्मेदारी डॉ. अरुण अंडप्पन, सीनियर कंसल्टेंट एनेस्थीसियोलॉजी एवं डॉ. स्नेहा खोबरागड़े, कंसल्टेंट एनेस्थीसियोलॉजी ने संभाली।

4 घंटे 20 मिनट चली सर्जरी, चार दिन में मिली छुट्टी

लगभग 4 घंटे 20 मिनट तक चली इस जटिल प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की बड़ी जटिलता सामने नहीं आई। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार बेहतर होती गई और 29 जून 2026 को उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक मिनिमली इनवेसिव (Minimally Invasive) तकनीकों की सहायता से अब अधिक आयु के मरीजों का भी सुरक्षित और प्रभावी उपचार संभव हो गया है।

अस्पताल प्रबंधन ने जताई खुशी

एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर श्री तपानी घोष ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा—

“हमारा कार्डियक साइंसेज विभाग क्षेत्र में हृदय रोगों के उपचार के लिए अग्रणी और भरोसेमंद केंद्रों में से एक है। यह सफलता हमारी विशेषज्ञ टीम की दक्षता, समर्पण और मरीजों को विश्वस्तरीय न्यूनतम इनवेसिव उपचार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

उन्होंने कहा कि अस्पताल भविष्य में भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जटिल हृदय रोगों के उपचार में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।


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