रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य समापन समारोह आयोजित हुआ। करीब 10 दिनों तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। 2000 से अधिक खिलाड़ियों और अधिकारियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को एक बड़े राष्ट्रीय मंच में बदल दिया।
पदक तालिका में कर्नाटक अव्वल, छत्तीसगढ़ ने जीते 19 पदक
प्रतियोगिता में कर्नाटक ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि ओडिशा दूसरे और झारखंड तीसरे स्थान पर रहे। मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक (3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य) अपने नाम किए।
व्यक्तिगत प्रदर्शन में स्विमिंग की अनुष्का भगत ने 4 रजत पदक जीते, वहीं निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी पदक हासिल किए। एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते, जबकि वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। टीम इवेंट में बालिका फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता।
खिलाड़ियों के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा
समापन अवसर पर पदक विजेताओं के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा की गई। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख, रजत के लिए 75 हजार और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये का पुरस्कार तय किया गया है।
समारोह में दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी
समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर Mary Kom और फुटबॉलर Bhaichung Bhutia विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और खेल जगत से जुड़े लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का संबोधन: हर साल होगा आयोजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 10 दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती पर खेल और ऊर्जा का जो माहौल देखने को मिला, उसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ है।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय खेल मंत्री Mansukh Mandaviya का आभार जताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी मिली। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हर वर्ष छत्तीसगढ़ में किया जाएगा।
जनजातीय खेलों की परंपरा और भविष्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का खेलों से पुराना रिश्ता रहा है, जहां तीरंदाजी, दौड़ और कुश्ती जैसे खेल जीवन का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही मंच की है।
उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत और समर्पण से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
सफल आयोजन पर सभी को बधाई
समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों, कोच, आयोजन समिति और सभी सहयोगी संस्थाओं को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। साथ ही विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
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