मरीन ड्राइव के पास खुला नया सेंटर, अनुभवी शिक्षकों के साथ आधुनिक तकनीक से कराई जाएगी CLAT की तैयारी
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। प्रसिद्ध संस्थान CLAT Possible ने अपने नए रायपुर सेंटर की शुरुआत कर दी है। इस सेंटर का उद्घाटन 29 मार्च को मरीन ड्राइव के पास किया गया। सेंटर के शुभारंभ के साथ ही 7 अप्रैल 2026 से तीन दिवसीय फ्री डेमो क्लासेस भी शुरू कर दी गई हैं, जिससे छात्र संस्थान की पढ़ाई और सुविधाओं को समझ सकें।
उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा पर फोकस
रायपुर ब्रांच की संचालिका डॉ. श्यामली मुखर्जी नामदेव ने बताया कि संस्थान में छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अनुभवी और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा अलग-अलग विषयों की गहन तैयारी कराई जाती है। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से मॉक टेस्ट आयोजित किए जाते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा पैटर्न की बेहतर समझ मिलती है और उनकी तैयारी मजबूत होती है।
आधुनिक तकनीक से आसान होगी पढ़ाई
संस्थान में पढ़ाई को और अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। डिजिटल टूल्स और स्मार्ट क्लास के माध्यम से छात्रों को कॉन्सेप्ट्स समझाए जाते हैं, जिससे उनकी समझ और भी बेहतर होती है। इसके अलावा, छात्रों को “रोजनामा” जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजाना के समाचारों का विश्लेषण भी कराया जाता है, जो CLAT जैसी परीक्षाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
लाइब्रेरी और हॉस्टल की सुविधा
छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए सेंटर में लाइब्रेरी और हॉस्टल की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे छात्र अधिक समय पढ़ाई में दे सकते हैं और उन्हें बाहर की परेशानियों से भी राहत मिलती है।
मेंटॉरशिप सिस्टम से मिलेगा व्यक्तिगत मार्गदर्शन
संस्थान में छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष मेंटरशिप सिस्टम भी लागू किया गया है। इसके तहत हर छात्र को व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे उनकी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।
बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार किया गया सिस्टम
संचालिका ने बताया कि संस्थान में छात्रों के बेहतर प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। लक्ष्य यह है कि छात्रों को सही दिशा और मार्गदर्शन देकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफल बनाया जाए।

