छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज 24 फरवरी को वित्त मंत्री OP Chaudhary ने साय सरकार के कार्यकाल का तीसरा और नई विधानसभा का पहला बजट पेश किया। Vishnu Deo Sai सरकार का यह बजट “संकल्प” की भावना के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय और मजबूत अधोसंरचना की दिशा में एक ठोस खाका प्रस्तुत करता है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ के बजट का कुल आकार बढ़कर ₹1 लाख 72 हजार करोड़ तक पहुंच गया है, जो राज्य के अब तक के सबसे व्यापक विकास प्रयासों में से एक माना जा रहा है।
यह बजट खास तौर पर युवाओं, किसानों, महिलाओं, आदिवासी समाज, शिक्षा-स्वास्थ्य और बस्तर-सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि “विजन 2047” के लक्ष्य को जमीन पर उतारने के लिए योजनाओं को केवल घोषणा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें प्रभावी क्रियान्वयन से जोड़ा जाएगा।
जनजातीय समाज, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर फोकस
बजट में आदिवासी समाज के कल्याण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बैगा एवं पुजारी प्रोत्साहन राशि के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, वहीं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बस्तर और सरगुजा के सर्वांगीण विकास के लिए पोषण, खेल, परिवहन, आजीविका और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को विशेष बजटीय समर्थन दिया गया है।
बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण की राशि बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे इन अंचलों में विकास कार्यों को और गति मिलेगी। इसके साथ ही बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़ रुपये का प्रावधान कर खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
युवा, शिक्षा और कौशल विकास को नई ऊर्जा
युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 33 करोड़ रुपये और CG-ACE, उड़ान, शिखर व मंजिल जैसी योजनाओं के लिए भी 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के अधोसंरचना उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
उच्च शिक्षा को मजबूती देने के लिए 25 नए महाविद्यालय भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये तथा दुर्ग, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार और रायगढ़ के 5 शासकीय महाविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य के विश्वविद्यालयों को अनुदान के रूप में 731 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
महिलाएं, बच्चे और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए बजट में ₹10,857 करोड़ का बड़ा प्रावधान किया गया है। महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा। आंगनबाड़ियों के संचालन हेतु 800 करोड़, पोषण आहार योजना के लिए 235 करोड़ और 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बालिकाओं के लिए “रानी दुर्गावती योजना” की शुरुआत की घोषणा की गई है, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर बालिका को डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मिशन वात्सल्य योजना के लिए भी 80 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
किसान, रोजगार और औद्योगिक विकास
किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के कल्याण के लिए 600 करोड़ रुपये तथा कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 750 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश सब्सिडी और राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई है।
बस्तर और सरगुजा में आजीविका के नए स्रोत विकसित करने के लिए राइस मिल, पोल्ट्री फार्म और वनोपज प्रसंस्करण केंद्रों की योजना शुरू की जाएगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य, अधोसंरचना और कनेक्टिविटी
राज्य के शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू की जाएगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये और राजधानी रायपुर में प्रदेश के पहले होम्योपैथिक कॉलेज की शुरुआत की घोषणा की गई है। दवाओं की गुणवत्ता जांच के लिए इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला हेतु 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
लोक निर्माण विभाग के लिए 9,450 करोड़ रुपये, जल संसाधन विभाग के लिए 3,500 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इंद्रावती नदी पर 68 किलोमीटर लंबी नहर को स्वीकृति दी गई है, जिससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी।
हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सीजी वायु योजना के तहत 30 करोड़ रुपये और बिलासपुर, अंबिकापुर व जगदलपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए 80 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
बस्तर-सरगुजा में शिक्षा, पर्यटन और डिजिटल कनेक्टिविटी
अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी की स्थापना के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बस्तर नेट परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपये और सुदूर अंचलों में बस संचालन के लिए 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बस्तर टूरिज्म पॉलिसी के लिए 10 करोड़ और मैनपाट के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

